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वन विभाग ने किया जंगल से काटी गई लकड़ी को बरामद करने का दावा
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कालसी। चकराता वन प्रभाग की टीम ने रिवर रेंज के अंतर्गत कालसी प्रथम बीट की कक्ष संख्या-15 से काटे गए पेड़ों की लकड़ी को विकासनगर के ढाकोवाला गांव के पास से बरामद किया गया है। विभाग ने लकड़ी काटने वाले लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास भी तेज कर दिए हैं।
बीते बुधवार की रात को लकड़ी तस्करों ने चकराता मुख्यालय से करीब 1.50 किमी की दूरी पर कालसी प्रथम बीट के जंगल में खड़े साल के छह पेड़ों का पातन कर दिया था। पेड़ों के कटान के बाद से ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था। बीते बृहस्पतिवार की शाम को टीम ने विकासनगर के ढाकोवाला के पास से लकड़ी को बरामद कर लिया। लकड़ी को गांव के पास नहर के किनारे छिपा कर रखा गया था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अब भी विभाग पूरी लकड़ी को बरामद नहीं कर सका है।
डीएफओ चकराता वन प्रभाग नीतीशमणि त्रिपाठी ने बताया कि लकड़ी बरामद हो गई है। संबंधित एसडीओ को अवैध पातन करने वाले लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सवालों के घेरे में विभागीय कार्यप्रणाली
कालसी। रिवर रेंज के अंतर्गत कालसी प्रथम बीट के कक्ष संख्या-15 से काटे गए पेड़ों का विकासनगर से बरामद होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जिस जगह पर पेड़ों का कटान किया गया और जहां से विभाग ने इसकी प्रकाष्ठ को बरामद किया। उनके बीच में जलालिया बैरियर पड़ता है। ऐसे में बैरियर को पास किए बिना लकड़ी को विकासनगर ले जाना नामुमकिन है। इसके चलते बैरियर में तैनात कर्मचारियों पर सवाल उठना लाजिमी है। यह पहला मौका नहीं है जब बैरियर को पार कर लकड़ी को विकासनगर क्षेत्र में बेचने के लिए लाया गया हो। इससे पूर्व भी कई बार बैरियर पर तैनात कर्मचारियों के बावजूद लकड़ी तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। डीएफओ नीतीशमणि त्रिपाठी का कहना है कि बैरियर्स पर तैनात कर्मचारियों को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए जाएंगे।
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बीते बुधवार की रात को लकड़ी तस्करों ने चकराता मुख्यालय से करीब 1.50 किमी की दूरी पर कालसी प्रथम बीट के जंगल में खड़े साल के छह पेड़ों का पातन कर दिया था। पेड़ों के कटान के बाद से ही विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था। बीते बृहस्पतिवार की शाम को टीम ने विकासनगर के ढाकोवाला के पास से लकड़ी को बरामद कर लिया। लकड़ी को गांव के पास नहर के किनारे छिपा कर रखा गया था। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अब भी विभाग पूरी लकड़ी को बरामद नहीं कर सका है।
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डीएफओ चकराता वन प्रभाग नीतीशमणि त्रिपाठी ने बताया कि लकड़ी बरामद हो गई है। संबंधित एसडीओ को अवैध पातन करने वाले लोगों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सवालों के घेरे में विभागीय कार्यप्रणाली
कालसी। रिवर रेंज के अंतर्गत कालसी प्रथम बीट के कक्ष संख्या-15 से काटे गए पेड़ों का विकासनगर से बरामद होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। जिस जगह पर पेड़ों का कटान किया गया और जहां से विभाग ने इसकी प्रकाष्ठ को बरामद किया। उनके बीच में जलालिया बैरियर पड़ता है। ऐसे में बैरियर को पास किए बिना लकड़ी को विकासनगर ले जाना नामुमकिन है। इसके चलते बैरियर में तैनात कर्मचारियों पर सवाल उठना लाजिमी है। यह पहला मौका नहीं है जब बैरियर को पार कर लकड़ी को विकासनगर क्षेत्र में बेचने के लिए लाया गया हो। इससे पूर्व भी कई बार बैरियर पर तैनात कर्मचारियों के बावजूद लकड़ी तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। डीएफओ नीतीशमणि त्रिपाठी का कहना है कि बैरियर्स पर तैनात कर्मचारियों को अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए जाएंगे।