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शराब की दुकानों को लेकर धरने पर बैठी महिलाएं, प्रशासन नहीं ले रहा सुध
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 01 Apr 2017 06:12 PM IST
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शराब के ठेके के विरोध में स्थानीय महिलाएं शुक्रवार रात से धरने पर बैठी हुई हैं। लेकिन प्रशासन व पुलिस द्वारा उनकी सुध नहीं ली गई है। महिलाओं ने ठेका खुलने की स्थिति में आंदोलन तेज कर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
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महिलाओं का अांदोलन जारी रहा। प्रात: 9 बजे से ेही कुंड-चोपता-गोपेश्वर राजमार्ग के दोनों किनारों पर बैठ गई। ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि वे ऊखीमठ व गांवों के निकट ठेका नहीं खुलने देंगी। अगर, कोई प्रशासन या विभाग ने प्रयास किया तो वे किसी भी स्तर तक आंदोलन को ले जाएंगी। इस दौरान आंदोलनकारी पुन: तहसील भी पहुंचे।
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लेकिन वहां उप जिलाधिकारी के नहीं होने से वे बैरंग सड़क पर लौट आए। इसके बाद दोपहर 12.15 से 12.45 बजे तक राजमार्ग पर सांकेतिक जाम भी किया गया। इस मौक पर सभा को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण का कहा था कि ऊखीमठ में शराब की दुकान किसी भी कीमत पर नहीं खुलने दी जाएगी।
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रात्रि से लेकर पूरे दिन आंदोलन में सभाषद दुर्गा देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष ममता नेगी, यशोदा देवी, जसु देवी, ग्राम प्रधान विजयलक्ष्मी तिवारी, इंद्रा देवी, रजनी त्रिवेदी, बसंती रावत आदि शामिल थे। लेकिन हैरत यह रही कि महिलाओं की सुरक्षा या अन्य किसी प्रकार की समस्याओं को लेकर मौके पर पुलिस व प्रशसन की कोई व्यवस्था नहीं थी।
इससे पूर्व शुक्रवार रात्रि 11 बजे डंगवाड़ी, भटवाड़ी, बंजपाणी, गांधीनगर, मस्तोली, पेंज, किमाणा, पठाली, डुंगर-सेमला, चुन्नी-मंगोली गांव की महिलाएं ऊखीमठ बाजार पहुंची।
उन्होंने शराब के ठेके का विरोध करते हुए मुख्य बाजार में बैठ गई। शराब के विरोध में नारेबाजी करते हुए माहिलाएं उप जिलाधिकारी आवास पहुंची। जहां पर धरना देते हुए ठेका न खोलने की मांग की। इसके बाद महिलाओं ने पूरी रात मुख्य बाजार में सड़क पर बैठकर बिताई। कहना था कि वे ठेके शिफ्ट होने की हर संभावना का विरोध करेंगी।