फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Women Reservation Bill became law notification issued by the government Uttarakhand news in hindi

Uttarakhand News: प्रदेश में महिला आरक्षण विधेयक बना कानून, शासन से अधिसूचना जारी, पढ़िए क्या दिए गए तर्क

Thu, 12 Jan 2023 07:12 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 12 Jan 2023 07:12 AM IST
सार

अधिसूचना में कहा गया कि राज्य में सरकारी सेवाओं में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम है।कानून बनने के बाद राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। अधिसूचना में अधिनियम के पालन के लिए उत्तरदायित्व एवं शक्ति, प्रमाण पत्र जारी करने की शक्ति, नियम बनाने की शक्ति एवं कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति के बारे में बताया गया है। 

विज्ञापन
Women Reservation Bill became law notification issued by the government Uttarakhand news in hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तराखंड में महिलाओं के लिए सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के विधेयक को मंजूरी के बाद सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। अब महिला आरक्षण का विधेयक कानून बन गया है। विधायी एवं संसदीय कार्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इस कानून का संक्षिप्त नाम उत्तराखंड लोक सेवा (महिलाओं के लिए क्षैतिज आरक्षण) अधिनियम 2022 है।

विज्ञापन


कानून बनने के बाद राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिल सकेगा। अधिसूचना में अधिनियम के पालन के लिए उत्तरदायित्व एवं शक्ति, प्रमाण पत्र जारी करने की शक्ति, नियम बनाने की शक्ति एवं कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति के बारे में बताया गया है। 
विज्ञापन


अधिसूचना में कहा गया कि प्रदेश की विषम भौगोलिक संरचना की वजह से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोग विकट जीवन यापन करते हैं। खासतौर पर राज्य की महिलाएं विषम परिस्थितियों में जीवन का निर्वाह करती हैं। इस वजह से इन महिलाओं का जीवन अन्य राज्यों की महिलाओं से निम्न है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Dehradun : हर साल करीब ढाई इंच धंस रहा है जोशीमठ, IIRS के वैज्ञानिकों ने जारी की सेटेलाइट अध्ययन की रिपोर्ट

राज्य की महिलाएं अपेक्षित, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक स्तर को नहीं पा सकी हैं। राज्य में सरकारी सेवाओं में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम है। सामाजिक न्याय, समानता, जीवन स्तर में सुधार, लोक नियोजन में लैंगिक समानता सुनिश्चित करने के लिए राज्य की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed