टंकी पर चढ़ी ‘आशा’ रोज मिल रही निराशा
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मांगों के समर्थन में सीएचसी विकासनगर में आंदोलित आशा कार्यकत्रियों को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी नहीं मना सके। कार्यकत्रियां मानदेय का शासनादेश जारी करने की मांग पर अड़ी रहीं। वाटर ओवरहेड टैंक पर चढ़ी एक आशा कार्यकत्री प्रभा रानी की तबियत बिगड़ गई है।
सरकार पर कोरी घोषणाएं करने का आरोप
आशाओं ने सरकार पर कोरी घोषणाएं करने का आरोप लगाया है। अखिल भारतीय आशा स्वास्थ्य संगठन के बैनर तले प्रदेशभर की आशा कार्यकत्रियां सात नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। तीन दिन से 11 कार्यकत्रियां ओवरहेड टैंक पर चढ़ी हैं। रविवार को प्रशासन ने विधायक नवप्रभात की बेटी के विवाह के उपलक्ष्य में आयोजित भोज के दौरान डाक पत्थर पहुंचे मुख्यमंत्री से आशा कार्यकत्रियों के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराई।
नहीं मानी सीएम की बात
मुख्यमंत्री ने आशाओं को बोनस एक हजार से बढ़ाकर पांच हजार करने की बात कही। लेकिन आशाएं छह हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने का जीओ जारी करने की मांग पर अड़ गईं, इसके चलते वार्ता विफल हो गई। उधर, आशा कार्यकत्रियों ने धरनास्थल पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष पूनम बिंजोला ने कहा कि आशाएं अंतिम सांस तक संघर्ष करती रहेंगी।
धरना जारी
धरना प्रदर्शन करने वालों में अफरोज, आबिदा, निर्मला थापा, रमा देवी, सुशीला तोमर, सरिता, कुसुम, रीना, गीता, सीता, जैनब, कमला राणा, आशा भट्ट, गीता सजवाण, भारती कंडवाल, बीना अरोड़ा शामिल रहीं।