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दर्द से कहारती रही मरीज, पांच घंटे बाद पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर

Tue, 19 Oct 2021 01:30 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 19 Oct 2021 01:30 AM IST
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Woman screaming with pain, doctor arrived after five hours
राजकीय दून अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार को एक बार फिर डॉक्टरों की उदासीनता के चलते हादसे में चोटिल महिला को पांच घंटे तक समुचित इलाज नहीं मिल पाया। इमरजेंसी के डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद ओपीडी में जाने का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। महिला दर्द से पांच घंटे तक इमरजेंसी में ही दर्द से कराहती रही। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने पर पांच घंटे बाद हड्डी के डॉक्टर इमरजेंसी में पहुंचे।
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सोमवार को चोटिल हुई रीना नाम की इस मरीज को परिजन साढ़े आठ बजे दून अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने बताया कि हड्डी में चोट आई है। इसलिए ओपीडी में हड्डी के डॉक्टर को दिखाने को कहा। मरीज ने सड़क पार होने और भीड़ में इंतजार करने में असमर्थता जताई। नियमानुसार, ऑनकॉल विशेषज्ञ डॉक्टर को इमरजेंसी में पहुंचना चाहिए था। इसे लेकर सचिवालय के एक अधिकारी ने भी अस्पताल के अधिकारियों को फोन किया, लेकिन हड्डी के डॉक्टर नहीं पहुंचे। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला आने पर लगभग पांच घंटे बाद करीब डेढ़ बजे हड्डी के डॉक्टर इमरजेंसी में पहुंचे और जरूरी उपचार देकर कुछ जांचें कराने की सलाह दी।
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ऑपरेशन थियेटर के बाहर बैठी रही गर्भवती
अस्पताल की महिला विंग में भी व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार रात भी महिला अस्पताल में एक गर्भवती को पांच घंटे तक ऑपरेशन थियेटर के बाहर ही बैठाए रखा। बाद में किसी तरह गर्भवती को भर्ती कराया जा सका। प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि मामले का संज्ञान ले रहे हैं। लापरवाही किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इमरजेंसी के बाहर सक्रिय हैं दलाल
दून अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर मरीजों को बरगलाकर निजी अस्पताल ले जाने वाले दलालों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। रविवार रात भी इसी तरह का एक और मामला सामने आया। एक मरीज को लेकर जैसे ही परिजन अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर पहुंचे वहां पर मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि यहां पर बेड नहीं हैं और उपचार नहीं मिल पाएगा। वह एक निजी अस्पताल में उन्हें बेड उपलब्ध करवा देगा। परिजनों ने गहनता से पूछताछ की तो वह व्यक्ति पकड़े जाने की डर से फरार हो गया। इसमें कुछ निजी एंबुलेंस संचालकों का भी नाम सामने आ रहा है। प्राचार्य ने कहा कि मरीजों को बरगलाने वाले इस तरह के लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की।
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