उत्तराखंड पुलिस में बढ़ेगा महिलाओं का दबदबा
खाकी पहनने का सपना देख रही उत्तराखंड की युवतियों के लिए जश्न-ए-आजादी खास तोहफा लेकर आया है। पुलिस विभाग में महिलाओं का कोटा अब 15 फीसदी होने जा रहा है।
फिलहाल यह आंकड़ा करीब सात प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने पुलिस मुख्यालय से एक सप्ताह के भीतर महिला पुलिस कर्मियों के पदों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव मांगा है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही इन नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पुलिस विभाग में फिलहाल 1347 महिला कांस्टेबल और करीब 101 उपनिरीक्षक हैं जबकि महिला पुलिस कर्मियों के काफी पद पहले से खाली चल रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस पर असंतोष जताते हुए पुलिस में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की बात कही थी।
फिलहाल कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल स्तर पर 8.30 प्रतिशत महिला कर्मचारी हैं जबकि उप निरीक्षक और इंस्पेक्टर संवर्ग में महिलाओं की भागीदारी छह प्रतिशत है।
woman in uttarakhand police
उत्तराखंड में महिला इंस्पेक्टरों की सबसे ज्यादा कमी है। इस समय पूरे प्रदेश में सिर्फ सात महिला इंस्पेक्टर हैं। डीपीसी न होने के कारण प्रमोशन प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
रेप और आईटी एक्ट के मामलों की जांच महिला इंस्पेक्टर से कराए जाने का प्रावधान है। देहरादून में सिर्फ एक महिला इंसपेक्टर है और वे जनवरी में सेवानिवृत्त हो जाएंगी। कुछ समय से वह अवकाश पर चल रही हैं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों का कोटा बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। एक सप्ताह की अवधि में उसे शासन को भेज दिया जाएगा।
-बीएस सिद्धू, डीजीपी
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