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गो रक्षा के लिए यह महिला अपनी वसीयत लिखेगी गायों का नाम

Sun, 14 Aug 2016 09:23 AM IST
चांद मोहम्मद /अमर उजाला, देहरादून
चांद मोहम्मद /अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 14 Aug 2016 09:23 AM IST
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woman give property to cow
namita narayan - फोटो : amar ujala

गोरक्षा की आड़ में हिंसा करने वाले लोगों को देहरादून की नमिता नारायण से गोसेवा सीखने की आवश्यकता है।

विवाह तक नहीं किया

woman give property to cow
namita narayan

गायों के प्रति अपना जीवन समर्पित करने वाली नमिता नारायण का कहना है कि वे इस दुनिया से विदा होने से पहले अपनी संपत्ति की वसीयत में गायों के संरक्षण के लिए एक हिस्सा निर्धारित करेंगी। देश भर में कथित गोरक्षकों द्वारा की जा रही हिंसा पर बवाल मचा है। इस मुद्दे पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सामने आना पड़ा।

सरकार या किसी संस्था से कोई मदद नहीं लेती

woman give property to cow
namita narayan

ऐसे में गो सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाने वाली नमिता की चर्चा मौजू है। उन्होंने चालीस साल पहले घर में गो सदन की स्थापना की और अब तक सौ से अधिक गायों और गोवंश का लालन-पालन कर चुकी हैं।

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woman give property to cow
cow

कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद नमिता ने न वकालत की न ही नौकरी। वह गायों की सेवा में इतनी लीन हो गईं कि उन्होंने विवाह तक नहीं किया। 70 वर्षीया नमिता, जीवन की सांझ में भी अपने दत्तक पुत्र शिवम के साथ गायों की देखभाल में कोई कमी नहीं आने देती।

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namita narayan

नमिता नारायण का कहना है कि वे अपनी वसीयत में गायों के संरक्षण के लिए एक हिस्सा निर्धारित करेंगी। जिससे उस धनराशि से उनके द्वारा बनाए गए सदन में गायों का संरक्षण होता रहे। शहर के डालनवाला क्षेत्र में निमी रोड पर रहने वाली नमिता नारायण बेहद संपन्न और प्रतिष्ठित राजस्थानी मारवाड़ी परिवार से हैं। उनके पिता बाल कृष्ण कोठारी नारायण महान कवि, लेखक वित्त मामलों के जानकार थे।

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