बच्चे को जन्म देते ही महिला की हालत बिगड़ी, रास्ते में तोड़ा दम
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसूता की हालत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया लेकिन जिला अस्पताल ले जाते समय प्रसूता की मौत हो गई। उसकी मौत के बाद परिजनों ने लक्सर सीएचसी के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल पर जमकर हंगामा काटा।
घटनाक्रम के मुताबिक लक्सर कोतवाली के सीधडू गांव निवासी मैनपाल की गर्भवती पत्नी ज्योति को प्रसव के लिए लक्सर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। यहा डॉक्टरों ने उसको प्रसव होने में कुछ वक्त लगने का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती कर लिया। बताया जाता है कि 16 सितंबर को सुबह साढ़े नौ बजे सामान्य प्रसव के बाद बच्चे को जन्म दिया।
लेकिन इसी बीच अचानक प्रसूता ज्योति की तबियत बिगड़ गई। परिजनों के मुताबिक इस पर सीएचसी पर तैनात डॉक्टरों ने उसका इलाज दूसरे अस्पताल में कराने की बात कहते हुए इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए। उसे तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने की बात कही। बदहवास परिजन जैसे ही उसे इलाज के लिए हरिद्वार निकले, रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने काटा हंगामा
परिजनों ने उसका गांव लाकर अंतिम संस्कार कर दिया। प्रसूता की मौत से नाराज परिजन सोमवार को लक्सर सीएचसी के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर ज्योति की डिलीवरी को लेकर अस्पताल के डॉक्टर गंभीरता से लेते तो उसकी जान बच सकती थी।
उनका कहना है कि प्रसव के बाद डॉक्टरों ने तुरंत ही उसका इलाज करने से साफ इंकार कर दिया। ऐसे में जब वह उसे इलाज के लिए लेकर दूसरी जगह जाने लगे तो रास्ते में देरी से अस्पताल पहुचने की वजह से उसकी मौत हो गई। उनका कहना था कि अगर डॉक्टर पहले से ही उसे कही ओर ले जाने की सलाह दे देते तो उसकी जान बच जाती।
उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों को उसकी मौत का जिम्मेदार ठहराया। उधर लक्सर सीएचसी प्रभारी डॉ. एचबी शाक्या का कहना है कि अस्पताल में प्रसव के बाद इलाज के लिए ले जाते समय महिला की मौत हो जाने का मामला उनकी जानकारी में है। उसकी अस्पताल में ही सामान्य प्रसव करा दिया गया था। लेकिन अचानक तबियत बिगड़ जाने के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था। यदि कही कुछ गड़बड़ हुआ है जो प्रकरण की जांच करायी जाएगी।