'सीएम हरीश रावत के दबाव में कराई थी एफआईआर'
- महिला ने मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए थे हरक के खिलाफ पहले बयान।
- अचानक पलटी महिला अपने बयान से, बोली सीएम के दबाव में कराया केस
- महिला ने लगाया था हरक सिंह रावत पर बलात्कार का आरोप
विस्तार
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत पर रेप का आरोप लगाने वाली महिला बुधवार को अपने बयान से पलट गई। महिला का कहना है कि उस पर सीएम हरीश रावत ने दबाव बनाया था जिसके चलते डर में आकर उसने एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला ने हरीश रावत पर डराने और उसके बेटे को मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
गौरतलब है दिल्ली के सफदरजंग थाने में 29 जुलाई को असम निवासी एक महिला की शिकायत पर हरक सिंह रावत पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया था। महिला ने आरोप लगाया था कि हरक सिंह रावत ने ग्रीन पार्क स्थित अपने घर पर बुलाकर उसके साथ रेप किया था। इसी मामले में बुधवार को महिला कोर्ट में सीएम हरीश रावत के खिलाफ बयान दिया।
कोर्ट में बोली महिला, सीएम ने चार लोगों भेजा था घर
कोर्ट में महिला आरोपों से पलटते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत को डराने-धमकाने का आरोप लगाया।
महिला ने कहा कि सीएम ने दबाव बनाने के लिए उसके घर पर चार लोगों को भेजा था। कहा कि सीएम के घर से मुझे फोन आया था और मुझ पर हरक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाया गया। महिला ने कहा कि ऐसा न करने पर उसके बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई गई थी।
मेरे खिलाफ साजिश रची गई, सीबीआई जांच हो: रावत
मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। इस मामले में लड़की ने कोर्ट में जो बयान दिया है, उसका संज्ञान लिया जाना चाहिए। मेरी तो मांग है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। इसके पीछे कौन सी ताकतें और कौन से लोग हैं, उनका नाम सामने आना चाहिए। जहां तक मेरा सवाल है, मैं हर तरह की जांच के लिए तैयार हूं।
-हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री
क्या था मामला?
दिल्ली के सफदरजंग थाने में 28 जुलाई को हरक सिंह के खिलाफ असम निवासी एक महिला ने रेप का केस दर्ज करवाया था। दिल्ली के सफदरजंग थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत गायब चल रहे हैं।
हरक सिंह रावत की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की तीन टीमों के उत्तराखंड में डाले हुए थीं। हालांकि देहरादून के पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा संपर्क साधे जाने से इनकार किया था। इसी बीच महिला के अपने बयान से मुकर जाने से मामले में नया मोड़ आ गया।
नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट बोले, महिला से 80 लाख में हुई डील
महिला के आरोपों से मुकरने के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट भी खुलकर सामने आ गए। कहा कि हरक सिंह रावत को फंसाने के लिए पीड़िता से 80 लाख रुपये की डील हुई, जिसे सीएम के इशारे पर अंजाम दिया गया।
सियासी हवाओं में सीएम खेमे के दो वफादारों चर्चाओं में है, जिन्होंने इस डील को परवान चढ़ाया। इसके लिए हरक सिंह के खेमे में बड़ी सेंधमारी की गई है और इनके एक बेहद वफादार से तोड़ा गया।
वफादार पीड़िता के संपर्क में लंबे समय से रहा है जिसकी मदद से ऑपरेशन हरक सिंह को अंजाम दिया गया। भट्ट ने कहा कि इस साजिश की पूरी जानकारी ली जा रही है और जल्द ही इसका पर्दाफाश किया जाएगा।