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फूड सैंपलिंग हो नहीं रही, शराब की कैसे करेंगे
अनिल चन्दोला/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 23 Aug 2016 09:55 AM IST
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- फोटो : demo pic
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उत्तराखंड में अब खाद्य पदार्थों के साथ ही शराब की भी सैंपलिंग होगी। खाद्य सुरक्षा अभिकरण को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
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हालांकि स्टाफ की कमी और लैब का नियमित संचालन ना होने के कारण अभिकरण को अभी फूड सैंपलिंग तक में परेशानी झेलनी पड़ रही है। ऐसे में प्रदेश में एल्कोहल बेवरेजेज की सैंपलिंग का काम कैसे होगा, इसको लेकर तमाम शंकाएं व्यक्त की जा रही हैं।
शराब और बीयर समेत सभी एल्कोहॉलिक पेय पदार्थों की सैंपलिंग पहले खाद्य अपमिश्रण अधिनियम 1954 के तहत की जाती
थी। लेकिन बाद में यह काम आबकारी विभाग को दे दिया गया। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट (एफएसएसए) 2006 में इन
पदार्थों को खाद्य पदार्थों की सूची में शामिल किया गया।
एक्ट की धारा 3 (1) (जे) में इन पेय पदार्थों को परिभाषित किया गया। ऑथिरिटी ने अब शराब समेत अन्य एल्कोहॉलिक पेय पदार्थों की सैंपलिंग के भी मानक तय किए हैं। लेकिन प्रदेश में स्टाफ की कमी झेल रहे अभिकरण के लिए यह खासा मुश्किल होने जा रहा है।
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प्रदेश में फूड इंस्पेक्टर के 50 पद स्वीकृत हैं, जिसमें से केवल 29 ही तैनात हैं। वहीं सीनियर फूड इंस्पेक्टर के 20 पद स्वीकृत हैं, जो आज तक खाली हैं। 13 अभिहीत अधिकारियों के स्वीकृत पदों के सापेक्ष भी केवल 11 ही कार्यरत हैं। अभिहीत अधिकारी (मुख्यालय) आरएस रावत ने कहा कि राज्य गठन के कई वर्ष बाद भी ना ही सेवा नियमावली बनी और ना ही पद भरे जा सके हैं। इसके चलते प्रमोशन भी नहीं हो पा रहे हैं।
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लैब ना चलने से दिक्कत
स्टाफ की कमी के साथ ही रुद्रपुर स्थित लैब में स्थाई ड्रग एनालिस्ट ना होने से भी दिक्कत है। इसके चलते लैब का नियमित
तौर पर संचालन नहीं हो पा रहा है। कई बार सैंपल की रिपोर्ट मिलने में एक-एक साल का समय लग जाता है।
दो कैटेगरी में होंगे पदार्थ
ड्राफ्ट में ऐसे पेय पदार्थों को दो अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है। डिस्टिल्ड पेय पदार्थों की कैटेगरी में स्प्रिट और लिक्वर,
जिनमें एथेनॉल को फरमेंटेशन के जरिये अनाज, शीरा या कार्बोहाइड्रेड के अलग-अलग माध्यमों से प्राप्त किया गया हो। जबकि
अन डिस्ट्ल्डि कैटेगरी में बीयर, वाइन, ताडी, सीडर जैसे पेय पदार्थों को रखा गया है।
इन मानकों पर होगी सैंपलिंग
सैंपलिंग के दौरान सभी पेय पदार्थों में एल्कोहल की मात्रा, एथाइल एल्कोहल की मात्रा, किन-किन चीजों से मिलकर बना है
(इंग्रिडेंट्स) की जांच होगी। इसके अलावा प्रत्येक पेय पदार्थ के लिए कुछ अलग-अलग मानक भी तय किए गए हैं।