उत्तराखंड: पहाड़ में थम नहीं रहा आग का कहर, कई दिनों से लगातार धधक रहे जंगल
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आग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहाड़ से भाबर तक रविवार को कई जंगल धधकते रहे। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सातताल के सूर्यागांव मल्ला के जंगलों में लगी से वन संपदा को बेहद नुकसान पहुंचा है। पेड़-पौधे जलकर राख हो गए हैं। पर्यटन व्यवसायी मायूस हैं। आग को बुझाने में सातताल कांस्जेरबेशन क्लब और स्थानीय लोग लगे रहे।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग रामनगर रेंज के गुलजारपुर जंगलों में रविवार दोपहर में आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। इससे पांच मजदूरों की झोपड़ियों और प्लॉट में काटकर रखे गए यूकेलिप्टस के गिल्टों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया।
एफएसएचओ किशोर उपाध्याय ने बताया कि काशीपुर तहसील क्षेत्र के गुलजारपुर प्लॉट नंबर 127 में आग लगी थी। सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के लिए प्रयास किये।
इसके बावजूद करीब पांच हेक्टेयर जंगल में आग लगी। एरीज क्षेत्र के जंगल में रात लगभग 12 बजे आग लग गई। धीरे धीरे आग जंगल में फैलने लगी तो स्थानीय लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन कई घंटे की मशक्कत के बाद सुबह को आग पर काबू पाया गया।
बल्दियाखान और भूमियाधार के आसपास भी जंगलों में आग लग गई। जिस पर किसी तरह काबू पाया गया। डीएफओ बीजू लाल टीआर ने बताया कि तीन जगह से आग लगने की सूचना मिली थी। वन विभाग के कर्मचारियों ने समय रहते प्रयास शुरू कर दिये थे और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया है।