अमर उजाला एक्सक्लूसिव: देहरादून वन प्रभाग में मिला जंगली चावल, अधिकारी दे रहे संरक्षण पर जोर
- मुख्य वन संरक्षक मनोज चंद्रन ने की खोज, अधिकारी दे रहे संरक्षण पर जोर
- पूर्व में दुधवा और कार्बेट में भी देखा गया था, राजाजी में भी होने की संभावना
- दक्षिण अमेरिका और चीन में मिलता है यह चावल, माना जाता है बेहद पौष्टिक
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विस्तार
जंगल में अपने आप उग जाने वाला जंगली चावल अब देहरादून वन प्रभाग में भी पाया गया है। इससे पहले यह चावल दुधवा और कार्बेट पार्क में भी रिपोर्ट किया गया था। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जंगली चावल कभी चीन और दक्षिण अमेरिका में भोजन की थाली में शामिल था।
चीन के लोग अब इससे दूरी बना रहे हैं, लेकिन दक्षिण अमेरिका में इसकी मांग बनी हुई है। खास बात यह भी है कि इस जंगली घास का दाना बेहद पौष्टिक माना जाता है। देहरादून में इसकी खोज वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक मानव संसाधन मनोज चंद्रन ने की है।
चंद्रन के मुताबिक देहरादून वन प्रभाग में एक दलदली क्षेत्र में घूमते हुए यह जंगली चावल दिखाई दिया। इसका वानस्पतिक नाम ओरजिया ऑफिसियानिलिस है और यह इससे पहले उत्तराखंड में दुधवा तथा कार्बेट में रिपोर्ट किया गया था।
अभी और अध्ययन की दरकार
चंद्रन के ट्वीट पर कई वन अधिकारियों ने ट्वीट किया है। भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुरेंद्र मेहरा के मुताबिक इस बात की भी संभावना है कि यह जंगली चावल राजाजी में भी कहीं हो। चंद्रन का कहना है कि यह संभव है। उन्होंने खुद यह जंगली चावल लैंसडौन वन प्रभाग के चौखंब क्षेत्र में देखा था।
एक अन्य वन अधिकारी एसटीएस लैप्चा के मुताबिक देहरादून वन प्रभाग की कंपार्टमेंट हिस्ट्री में इसे शामिल किया जाना चाहिए। मनोज चंद्रन के मुताबिक जंगली चावल दलदली जमीन में अपने आप ही होता है। यह देहरादून में बहुत बड़े क्षेत्र में पाया गया है। साफ है कि अभी और अध्ययन की दरकार है।
जंगली चावल को इससे पहले देहरादून में किसी ने रिपोर्ट नहीं किया। मेरी नजर में इसका बड़ा क्षेत्र यहां मौजूद है। इस पर अभी और खोज किए जाने की जरूरत है।
- मनोज चंद्रन, मुख्य वन संरक्षक, मानव संसाधन, वन मुख्यालय, देहरादून