{"_id":"5a6c2db14f1c1b87268b69bb","slug":"wife-does-heinous-crime-with-husband","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"प्रेमी संग रहने के लिए पत्नी ने रची 'खूनी' साजिश, पढ़कर दंग रह जाएंगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
प्रेमी संग रहने के लिए पत्नी ने रची 'खूनी' साजिश, पढ़कर दंग रह जाएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 27 Jan 2018 01:15 PM IST
विज्ञापन
अवैध संबंधों को लेकर हुई पति की हत्या
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत ने अवैध संबंधों को लेकर हुई पति की हत्या में पत्नी और उसके प्रेमी समेत तीन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
कारावास के साथ तीनों आरोपियों पर 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर आरोपियों को एक साल का अतिरिक्त कारावास की भुगतना होगा।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक डाक पत्थर के चिलियों निवासी रूपराम ने 26 मार्च को अपने पुत्र प्रदीप कुमार के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में पुत्रवधू बाला देवी, उसके प्रेमी मोहर सिंह उर्फ मोहन सिंह निवासी बनगांव नैनबाग टिहरी और सिकंदर उर्फ छोटू निवासी माजरा भगवानपुर को आरोपी बनाया था।
विज्ञापन
प्रदीप की पत्नी के थे अवैध संबंध
आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास
- फोटो : file photo
पुलिस तलाश के दौरान प्रदीप कुमार का शव 29 मार्च को विकासनगर की शक्ति नहर से बरामद हुआ था। प्रदीप की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या करने के बाद शव को बोरे में भरकर नहर में फेंका गया था।
पुलिस विवेचना में आया कि प्रदीप की पत्नी बाला देवी के मोहर सिंह से अवैध संबंध थे। पति के विरोध के चलते दोनों ने उसकी हत्या की योजना बना दी।
प्रेमी मोहर सिंह ने अपने दोस्त और जूस की ठेली लगाने वाले सिकंदर को साथ लेकर 23 मार्च को इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने चार अप्रैल को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था।
पुलिस विवेचना में आया कि प्रदीप की पत्नी बाला देवी के मोहर सिंह से अवैध संबंध थे। पति के विरोध के चलते दोनों ने उसकी हत्या की योजना बना दी।
प्रेमी मोहर सिंह ने अपने दोस्त और जूस की ठेली लगाने वाले सिकंदर को साथ लेकर 23 मार्च को इस हत्याकांड को अंजाम दिया। पुलिस ने चार अप्रैल को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था।
पुलिस ने दिखाई सक्रियता
50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा
- फोटो : amar ujala
एडीजे पंचम के न्यायालय में प्रदीप हत्याकांड की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष ने पैरोकारी करते हुए 27 गवाह प्रस्तुत किए। बचाव पक्ष ने कई गवाह पेश किए।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस मामले में विकासनगर कोतवाली पुलिस की प्रभावी भूमिका रही है। पुलिस ने हत्या में साक्ष्यों का संकलन करने के साथ गवाही कराने में बेहद सक्रियता दिखाई।
अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
इस मामले में विकासनगर कोतवाली पुलिस की प्रभावी भूमिका रही है। पुलिस ने हत्या में साक्ष्यों का संकलन करने के साथ गवाही कराने में बेहद सक्रियता दिखाई।