धमाकों से किसका होगा लाभ!
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योगेश सेमवाल
जाखन, देहरादून।
जहां देखो वहां लोकसभा 2014 के चुनावी वायदों की बयार है। वोटर भी फिलहाल मौज में है लेकिन आगे जैसे-जैसे सियासी दंगल बढ़ता जाएगा, वोटर के पास समझने के लिए कम और उलझन पेदा करने वाले विकल्प ज्यादा खड़े हो जायेंगे।
इसी बीच कल पटना से खबर आई कि धमाकों में पांच लोंगो की मौत हो गई 80 के करीब बदहवाश अस्पतालों में बेदम पड़े हुए हैं। इसी के साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों ने धमाकों पर सियासत तेज कर दी।
ये धमाके क्या सचमुच वोअ बैंक को प्रभावित करने के लिए किए गए हैंया फिर देश के राजनीतिक हालातों का फायदा उठाने के लिए आतंकी तेयार बैठे हैं, इस वक्त यह अहम सवाल है।
धमाकों से किसका लाभ होगा और बेवजह के बयानों की झड़ी लगाने से बेहत्तर होता कि हमारे नेतागण इस वक्त एकजुटता से धमाके के अपराधियों को पकड़ने के लिए दबाव बनाते न कि ओछी बयानबाजी से लोगों का ध्यान खींचने के। धमाकों से कभी किसी का लाभ तो कतई नहीं हो सकता।