कौन होंगे आपके मंत्री, जानिए किसे मिलेगी उत्तराखंड में बड़ी जिम्मेदारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएम का मसला तो बीजेपी ने जैसे-तैसे सुलझा लिया, लेकिन कैबिनेट में मंत्रियों को लेकर मीटिंग दर मीटिंग के बावजूद पार्टी नेतृत्व कुछ भी फाइनल नहीं कर पाया है। वैसे, यह तय माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने ज्यादा से ज्यादा मंत्रियों को शपथ दिलवाई जाए।
वर्ष 2007 की तरह सिर्फ एक मंत्री सीएम के साथ शपथ नहीं लेगा। इनकी संख्या ज्यादा हो सकती है। विचार यह भी किया जा रहा है कि सारे मंत्रियों को एकसाथ शपथ दिला दी जाए। इसके पीछे तर्क यह है कि केंद्रीय नेतृत्व के सामने ही सारी स्थिति क्लियर होने से बाद में किसी विवाद के लिए जगह नहीं रहेगी।
वर्ष 2007 में बीसी खंडूडी के साथ सिर्फ एक मंत्री ने शपथ ली थी। ये मंत्री प्रकाश पंत थे। मंत्रिमंडल के गठन में बीजेपी उस वक्त भी बुरी तरह उलझकर रह गई थी। बाकी मंत्रियों के नाम बाद में घोषित किए गए थे।
मंत्री पद के लिए ये नाम आए सामने
इस बार बीजेपी के सामने कैबिनेट का चेहरा तैयार करने की चुनौती कहीं ज्यादा कठिन है। उसके रिकार्ड विधायक जीतकर आए हैं। इनमें भी तमाम विधायक ऐसे हैं, जो पूर्व में मंत्री रह चुके हैं और हाई प्रोफाइल के हैं।
बीजेपी के नेतृत्व को कई सारे समीकरण साधने हैं। उसे नए-पुराने अपने विधायकों के साथ ही कांग्रेस से बीजेपी में आए दिग्गज नेताओं को एडजेस्ट भी करना है। इसके अलावा, 11 मंत्रियों के जरिये ज्यादा से ज्यादा जिलों को भी कवर करना है।
बीजेपी के दो पर्यवेक्षकों समेत टॉप लीडरशिप शुक्रवार को सीएम चयन प्रक्रिया के दौरान भी संभावित मंत्रियों के नाम पर चर्चा करती रही। वरिष्ठ नेताओं ने ओएनजीसी के सभागार में कई दौर की मीटिंग की। इसके अलावा, पैसिफिक होटल में भी अलग-अलग चर्चा की गई।
बीजेपी सूत्रों के अनुसार अभी तक प्रकाश पंत, मदन कौशिक, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, रेखा आर्य के नाम मंत्री पद के लिए मजबूती से उभरकर सामने आए हैं। हरबंस कपूर, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल, मुन्ना सिंह चौहान, डा धन सिंह रावत जैसे नामों पर भी गंभीरता से चर्चा हुई है, लेकिन तमाम समीकरणों के हिसाब से ही इनमें से किसी के नाम को आगे बढ़ाया जाएगा।
वैसे, इस तरह की खबरें भी इस बीच आई हैं कि महाराज को त्रिवेंद्र मंत्रिमंडल में शामिल कराने के लिए राजी किया जा रहा है। पार्टी का मानना है कि महाराज यदि इसके लिए तैयार होते हैं, तो एक बेहतर संदेश जाएगा। हालांकि इस मामले में अभी महाराज का नजरिया साफ नहीं हो पाया है।