उत्तराखंड में चली तेज आंधी, बदला मौसम
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उत्तराखंड में मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ के बाद मंगलवार को आंधी का भी असर नजर आया।
कई इलाकों में मंगलवार शाम को तेज झक्कड़ के साथ बूंदाबांदी हुई। बुधवार को जहां राजधानी दून में मौसम बादलों वाला रहेगा तो दूसरी ओर चारधाम यात्रा मार्ग पर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। उधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में मंगलवार शाम को रिमझिम बारिश से ठंड बढ़ गई है।
मंगलवार को मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले। सुबह बादलों के बीच हल्की धूप निकली तो गर्मी में बढ़ोतरी हुई, लेकिन दोपहर बाद अचानक बादलों का आगमन हो गया। राजधानी दून में शाम करीब साढ़े पांच बजे तेज आंधी आई। इस वजह से कई जगह टूट-फूट भी हुई।
प्रेमनगर में पेड़ टूटने से सरकारी अस्पताल की दीवार गिर गई। कई और जगहों पर पेड़ गिरने से सड़कें बाधित हो गईं। हल्की बूंदाबांदी ने मौसम में ठंडक ला दी। उधर, प्रदेश के चारधाम यात्रा रूट पर भी कई जगहों पर हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि बुधवार को केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में मौसम से जुड़ी कोई चेतावनी नहीं है।
लिहाजा यात्री आराम से जा सकते हैं। प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में हल्की से भी हल्की बारिश और झक्कड़ आ सकता है। जबकि राजधानी दून में बुधवार को बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी आ सकती है।
मसूरी में बारिश के बाद मौसम खुशनुमा हो गया। पर्यटकों ने मौसम का जमकर लुत्फ उठाया। मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे से लेकर पांच बजे तक रिमझिम बारिश हुई। मौसम खुशनुमा होने से रात के समय मालरोड पर खूब चहल-पहल नजर आई।
बीस मिनट की ओलावृष्टि से फसलें चौपट
गढ़वाल के पीपलकोटी/पोखरी में सोमवार रात जोरदार बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि हुई। बीस मिनट हुई ओलावृष्टि के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में गेहूं, सरसों और सब्जी की फसलें तहस-नहस हो गई हैं। इस बदलते मौसम के कारण किसान परेशान हैं।
सोमवार रात को जब बारिश हुई तो रात को ही लोग घरों से बाहर आ गए। निजमुला घाटी के गाड़ी गांव की प्रधान कुसुम देवी, रघुवीर सिंह गड़िया और तारेंद्र सिंह ने एसडीएम चमोली को बताया कि गेहूं की फसल पककर तैयार थी, लेकिन ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गई है।
उन्होंने फसल की क्षति का आंकलन कर प्रभावितों को मुआवजा देने की मांग की। वहीं, पोखरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत थाला बैड़, ब्राह्मण थाला, सटियाना, ताली और कंसारी गांवों में भी ओलावृष्टि से ग्रामीणों की मेहनत बर्बाद हो गई है। गेहूं, जौ, आलू, प्याज और धनिया की फसल नष्ट हो गई है।
ग्राम प्रधान थाला बैड़ किशोर सिंह नेगी ने भी एसडीएम को इस संबंध में जानकारी दी है। घाट और जोशीमठ क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से ग्रामीणों की फसलों को नुकसान पहुंचा है।
वहीं डीएम अशोक कुमार ने बताया कि ओलावृष्टि से हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण करवाया जा रहा है। इसके लिए अधिकारियों की टीम भी गठित कर दी गई है। प्रभावित काश्तकारों को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दी जाएगी।