उत्तराखंड में मौसम का 'महा'अलर्ट: शुक्रवार रात से बारिश जारी, स्कूल कराए बंद, बदरीनाथ हाईवे बंद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन दिन के जारी किए गए मौसम विभाग के 'महा'अलर्ट के बीच शुक्रवार रात से राजधानी देहरादून में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। यह बारिश शनिवार की सुबह तक होती रही।
शनिवार को खतरे को देखते हुए राज्य के अधिकतरों जिलों में शासकीय/गैर शासकीय स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे। वहीं बदरीनाथ हाईवे फिर लामबगड़ में बंद हो गया। रुद्रप्रयाग गौरीकुंड हाईवे भी बारिश की वजह से मलबा आने से अवरूद्ध हो गया। मलारी हाईवे सलधार के समीप मलबा आने के चलते बंद हो गया है। सीमा पर आवाजाही रुक गई है। बीआरओ मार्ग को खोलने में जुट गया है।
तीन दिन आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले तीन दिन प्रदेश के आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। एक सितंबर को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश होगी। इसके बाद दो व तीन सितंबर को विशेषकर मैदानी जिलों में बारिश से नुकसान की आशंका जताई गई है।
प्रदेशभर में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने अब एक, दो व तीन सितंबर को प्रदेश के आठ जिलों नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, पौड़ी और देहरादून में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने लोगों को सलाह दी है कि आगामी तीन-चार दिन तक लगातार बारिश के चलते सतर्क रहें। खासतौर से मैदानी जिलों में भारी बारिश से बड़ा नुकसान होने की आशंका है।
आज बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अगले 24 घंटे भारी बारिश की संभावना है। 1 एवं 2 सितंबर को नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और दून में बहुत भारी वर्षा की संभावना है।
चेतावनी के मद्देनजर जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने सभी उप जिलाधिकारियों, राजस्व उपनिरीक्षकों, ग्राम पंचायत व विकास अधिकारियों के साथ आईआरएस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों, थानों, तहसीलों आदि को अपने संसाधनों के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपदा परिचालन केंद्र से संपर्क में रहने के भी निर्देश दिए हैं।
बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में फिर अवरुद्ध
चमोली में शुक्रवार को रातभर हुई बारिश शनिवार की सुबह 8 बजे थमी। जिससे बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में फिर से अवरुद्ध हो गया। यात्री हाईवे खुलने का इंतज़ार कर रहे हैं।
यमुनोत्री हाईवे पर डबरकोट के पास मुनकटिया में सुबह से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही बंद हो गई है। दोनों तरफ कई वाहन फंसे हैं। यात्रियों को ओजरी-कुनसाला होकर निकाला जा रहा है। पुलिस प्रशासन की गैर मौजदूगी में इस खतरनाकर पैदल रास्ते से आवाजाही हो रही है।
वहीं बदरीनाथ हाईवे शुक्रवार को भी लामबगड़ में करीब चार घंटे तक अवरुद्ध रहा था। सुबह छह बजे चट्टान से मलबा आ जाने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही नहीं हो पाई। करीब दस बजे हाईवे खुलने पर 432 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम और 325 तीर्थयात्री धाम में दर्शन के बाद अपने गंतव्य को लौटे।
शुक्रवार को सुुबह छह बजे जैसे ही बदरीनाथ धाम के यात्रा वाहन लामबगड़ में पहुंचे, तभी हाईवे पर मलबा आ जाने से गोविंदघाट पुलिस की ओर से वाहनों को रोक लिया गया। सुबह साढ़े छह बजे से मेकाफेरी कंपनी की जेसीबी मशीन से मलबा और बोल्डर हटाने का काम शुरू हुआ। लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में कार्य करना भी खतरनाक बना हुआ है। करीब साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह दस बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु कर दिया गया। तब यात्रा वाहनों को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया गया, जो दोपहर बारह बजे तक बदरीनाथ धाम पहुंचे।