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बढ़ा खतरा, उत्तराखंड में इस बांध से पानी हुआ ओवरफ्लो

Fri, 13 Jun 2014 04:31 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 13 Jun 2014 04:31 PM IST
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water overflow in chirkila dam

हिमाचल में ब्यास का जलस्तर बढ़ने के बाद छात्रों के बहने की घटना के बाद एनएचपीसी के धौलीगंगा पावर प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक वीके सिंह ने गुरुवार को अलर्ट जारी कर दिया।

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उन्होंने कहा है कि धौलीगंगा का जल स्तर बढ़ने लगा है। इस कारण छिरकिला बांध से पानी ओवरफ्लो होने लगा है।

ऐसी स्थिति में छिरकिला बांध से किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है। उन्होंने सचेत किया कि पानी छोड़ने से पहले अलार्म तो बजाया जाएगा लेकिन यह अलार्म दूर तक नहीं सुनाई देगा।

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नदी के किनारे न जाएं

water overflow in chirkila dam

उन्होंने धारचूला, जौलजीबी समेत अन्य इलाकों के लोगों को अलर्ट किया है कि न तो वे खुद नदी के किनारे जाएं और ना ही अपने जानवरों को वहां ले जाएं।

उल्लेखनीय है कि धौली तवाघाट में महाकाली में मिल जाती है। वहां से महाकाली का जलस्तर बढ़ने लग जाएगा।

यह नदी जौलजीबी, झूलाघाट, पंचेश्वर और टनकपुर होते हुए आगे बढ़ती है। इस कारण सभी इलाकों के लोगों को अलर्ट किया जा रहा है।

एसएसबी के गोठी ट्रांजिट कैंप को खतरा

water overflow in chirkila dam

डीडीहाट में महाकाली का जलस्तर बढ़ने से गोठी स्थित 11वीं वाहिनी एसएसबी के ट्रांजिट कैंप के भवन खतरे की जद में हैं।

एसएसबी अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर इस बाबत जिलाधिकारी को सूचित कर दिया है। एसएसबी के गोठी स्थित ट्रांजिट कैंप को पिछले साल जून में काफी नुकसान हुआ था।

ट्रांजिट कैंप के पास बना शौचालय बह गया था। इस बार ग्लेशियर पिघलने से महाकाली का जलस्तर बढ़ गया है और नदी फिर से किनारों को काटने लगी है।

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सुरक्षा के तत्काल उपाय करने की मांग

water overflow in chirkila dam

गोठी में नदी के किनारे तटबंधों के निर्माण का काम धीमी गति से चल रहा है। एसएसबी के सेनानी एसडी शेरखाने ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर ट्रांजिट कैंप के भवनों की सुरक्षा के तत्काल उपाय करने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि ट्रांजिट कैंप में हर समय कम से कम 100 जवान रहते हैं। खतरे को देखते हुए सभी को अलर्ट किया गया है। साथ ही रात के समय गश्त में रहने वाले जवानों से नदी का रुख भांपते रहने को कहा गया है।

यह भी आशंका है कि पिछले साल जिन स्थानों पर जमीन खिसकी थी, वहां इस बार भी बारिश के समय तबाही हो सकती है।

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