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उत्तराखंड: पौड़ी जिले के प्रवास से लौटे इस मंत्री ने बयां की हकीकत, कहा- पानी के लिए तरस रहे हैं यहां लोग
Fri, 11 Nov 2022 09:06 AM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 11 Nov 2022 09:06 AM IST
सार
उत्तराखंड जिले के पौड़ी जिले के 500 गांवों में लोगों के घरों पर ताले लटके हुए हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पौड़ी कमिश्नरी है। सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। भले ही 22 पेयजल योजनाएं बन रही हैं, लेकिन पौड़ी के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं।
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WATER-CRISIS
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पौड़ी में सबसे ज्यादा पलायन है। यहां 500 ग्राम सभाएं वीरान पड़ी हुई हैं। गांव के गांव खाली हैं। लोग पानी को तरस रहे हैं। परिवहन मंत्री एवं पौड़ी प्रभारी चंदन रामदास ने प्रवास से लौटने के बाद यह हकीकत बयां की। मंत्री चंदन रामदास ने कहा कि वास्तव में प्रदेश में सबसे ज्यादा पलायन पौड़ी जिले में है।
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वहां आज देखो तो 500 गांवों में लोगों के घरों पर ताले लटके हुए हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पौड़ी कमिश्नरी है। वहां विकास के नए आयाम स्थापित करने होंगे। बेहतर विकास करना होगा। उन्होंने कहा कि मैंने खुद देखा है कि पलायन का दंश कितना दर्दनाक है। हम पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी को यहीं रोकेंगे। उनके रोजगार के लिए काम करेंगे।
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उन्होंने यह भी कहा कि पौड़ी की भौगोलिक परिस्थितियां काफी विषम हैं। सड़कों की स्थिति बेहद खराब है। भले ही 22 पेयजल योजनाएं बन रही हैं, लेकिन पौड़ी के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं। मीडिया से बातचीत में मंत्री चंदन रामदास ने कहा कि पौड़ी में स्वास्थ्य सुविधाएं भी लचर हैं। पौड़ी का जिला अस्पताल पीपीपी मोड में संचालित हो रहा है जो कि एक रेफरेल सेंटर बना हुआ है। वहीं, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की स्थिति भी अच्छी नहीं है।