यहां लोक सभा चुनावों में हुई लापरवाही, ईवीएम मशीनों से नहीं हटाए गए मॉक पोल के वोट
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उत्तराखंड में विगत 11 अप्रैल को हुए लोकसभा चुनावों में कई बूथों पर ईवीएम मशीनों से मॉक पोल हटाए बिना ही पूरी पोलिंग करा दी गई।
राज्य की पांच में से चार संसदीय सीटों के छह बूथों पर ऐसा मामला संज्ञान में आया है। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इन मशीनों को मतगणना से हटाकर केवल वीवीपैट से ही मतगणना पूरी करने के निर्देश दिए हैं। जहां मॉक पोल पर वीपीपैट मशीनों का इस्तेमाल हुआ है, वहां बूथ में पड़े कुल मतों के आधार पर इनकी गिनती की जाएगी।
पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में कराया गया था मॉक पोल
11 अप्रैल को मतदान के दिन हर बूथ पर पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल कराया गया था। निर्वाचन आयोग द्वारा कुल वोटों की गणना की गई तो हरिद्वार के दो और अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल व उत्तरकाशी जिले के एक-एक बूथ पर कुल पड़े वोट व ईवीएम में पड़े वोट में अंतर पाया गया और यह गड़बड़ी सामने आई।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा इसकी सूचना केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भी भेजी गई। इसके बाद केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाए
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने कहा कि राज्य के कुछ जिलों में इस तरह की घटना सामने आई है। इन मशीनों को मतगणना से अलग रखा जाएगा और केंद्रीय निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार गणना की जाएगी।
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केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने देश भर के किसी भी स्थान पर इस तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया है। आयोग के अनुसचिव मधूसदन गुप्ता द्वारा सभी राज्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इस तरह के सभी मामलों की विस्तृत जांच की जाए और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाए।