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Dehradun News: एक दूसरे के घर जाकर चखा पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद
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देवता के लिए बनाए गए चांदी के छत्र लेकर मंदिर जातीं माख्टी गांव की ध्याटुडिया। संवाद
- जौनसार बावर में जंदाई पर्व की रही धूम
संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। जौनसार बावर के अधिकतर गांवों में जौनसारी दीपावली का जश्न जारी है। भिरूडी के बाद शनिवार को जंदोई पर्व को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। लोग ने एक-दूसरे के घर जाकर चिवड़े, अखरोट और चाय और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। पारंपरिक वस्त्रों में सजे ग्रामीण देर रात तक पंचायती आंगन में नृत्य करते रहे।
जौनसार बावर में पांच दिवसीय दीपावली की धूम है। जंदोई पर्व में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अपने घर पर आमंत्रित किया। वहीं, पंचायती आंगन में सामूहिक नृत्य जैंता, रासो और हारूल का दौर शुरू हुआ। बीच-बीच में हास्य कलाकारों ने नाटकों का मंचन कर खूब हंसाया। चापनु गांव में रामलीला का मंचन भी किया गया। ककाडी गांव में दीपावली का समापन किया गया। माख्टी गांव में ध्यांटुडियों ने महासू देवताओं को चांदी का छत्र समर्पित किया।
सैरी गांव के गुलाब सिंह नेगी, पंजिया गांव के स्याणा टीकम सिंह, संतराम भट्ट आदि लोगों का कहना है कि जौनसार बावर क्षेत्र में दीपावली में जंदोई बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें महिलाएं व पुरुष अलग-अलग टोलियों में अपने-अपने अंदाज में प्रत्येक परिवार के यहां जाकर पारंपरिक व्यंजनों को चखते हैं। टोलियां समान रूप से भी परिवारों के घर मेें जाती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
साहिया। जौनसार बावर के अधिकतर गांवों में जौनसारी दीपावली का जश्न जारी है। भिरूडी के बाद शनिवार को जंदोई पर्व को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया। लोग ने एक-दूसरे के घर जाकर चिवड़े, अखरोट और चाय और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। पारंपरिक वस्त्रों में सजे ग्रामीण देर रात तक पंचायती आंगन में नृत्य करते रहे।
जौनसार बावर में पांच दिवसीय दीपावली की धूम है। जंदोई पर्व में ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अपने घर पर आमंत्रित किया। वहीं, पंचायती आंगन में सामूहिक नृत्य जैंता, रासो और हारूल का दौर शुरू हुआ। बीच-बीच में हास्य कलाकारों ने नाटकों का मंचन कर खूब हंसाया। चापनु गांव में रामलीला का मंचन भी किया गया। ककाडी गांव में दीपावली का समापन किया गया। माख्टी गांव में ध्यांटुडियों ने महासू देवताओं को चांदी का छत्र समर्पित किया।
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सैरी गांव के गुलाब सिंह नेगी, पंजिया गांव के स्याणा टीकम सिंह, संतराम भट्ट आदि लोगों का कहना है कि जौनसार बावर क्षेत्र में दीपावली में जंदोई बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें महिलाएं व पुरुष अलग-अलग टोलियों में अपने-अपने अंदाज में प्रत्येक परिवार के यहां जाकर पारंपरिक व्यंजनों को चखते हैं। टोलियां समान रूप से भी परिवारों के घर मेें जाती हैं।
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