उत्तराखंड: प्रदेश की सबसे वीआईपी पुलिस चौकी का ऐसा हाल, सीमेंट गोदाम में चल रही, एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा
वीआईपी पुलिस चौकी के नाम से मशहूर जौलीग्रांट पुलिस चौकी के पास अपना भवन और जमीन तक नहीं है। एयरपोर्ट पर लगभग हर रोज प्रदेश, देश-विदेश के नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की आवाजाही रहती है। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग होने के कारण कई बार महत्वपूर्ण व्यक्तियों और सेना की मूवमेंट के कारण एयरपोर्ट रात में भी खुला रहता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश की सबसे वीआईपी पुलिस चौकी के नाम से मशहूर जौलीग्रांट पुलिस चौकी के पास अपना भवन और जमीन तक नहीं है। पुलिस चौकी राज्य गठन के पहले से लेकर अब तक एयरपोर्ट के पास भानियावाला-ऋषिकेश मुख्य मार्ग के किनारे टिहरी हाईड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) के सीमेंट गोदाम में चल रही है।
जौलीग्रांट पुलिस चौकी पर क्षेत्र के अलावा एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा है। एयरपोर्ट पर लगभग हर रोज प्रदेश, देश-विदेश के नेताओं और महत्वपूर्ण व्यक्तियों की आवाजाही रहती है। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग होने के कारण कई बार महत्वपूर्ण व्यक्तियों और सेना की मूवमेंट के कारण एयरपोर्ट रात में भी खुला रहता है।
जौलीग्रांट पुलिस चौकी की फोर्स 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखती है। हिमालयन अस्पताल भी इसी क्षेत्र में है। इसके अलावा अठूरवाला, भानियावाला, जौलीग्रांट, कालूवाला, बड़ोवाला थानो आदि के दर्जनों गांवों में हजारों लोगों की सुरक्षा और लॉ एंड आर्डर की जिम्मेदारी इसी पुलिस के हवाले है।
2019 लैंड ट्रांसफर की कार्रवाई ठंडे बस्ते में गई
2019 में तत्कालीन जौलीग्रांट चौकी इंचार्ज महाबीर रावत और वर्तमान सभासद राजेश भट्ट ने लैंड ट्रांसफर की कार्रवाई शुरू की गई थी। डोईवाला तहसील प्रशासन को इस संबंध में भूमि की स्थिति पता करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसके बाद तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट देकर कहा था जौलीग्रांट चौकी अठूरवाला गेस्ट हाऊस के नाम दर्ज है। जिसका भूस्वामी टीएचडीसी है। इसके बाद सभासद ने इस संबंध में तत्कालीन सरकार को ज्ञापन भी दिया था। सरकार के निर्देश पर टिहरी डीएम ने मामले की जांच पशुलोक स्थित पुनर्वास कार्यालय से कराई गई थी। जिसके बाद से यह मामला ठंडे बस्ते में है।
ये भी पढ़ें...उत्तराखंड: फिल्म अभिनेत्री कृति सेनन ने सीएम धामी से की मुलाकात, बोलीं-यहां शूटिंग को लेकर हूं बहुत उत्साहित
तहसील की जांच में ये बातें आई थी सामने
डोईवाला तहसील ने 11 जुलाई 2019 को अपनी जांच रिपोर्ट दी थी। कहा गया था कि पुलिस चौकी की भूमि अठूरवाला के खाता संख्या 0.5283 गेस्ट हाऊस के नाम दर्ज है। इस खाते के खसरा नंबर 237 रकबा 0.1000 हेक्टेयर और खसरा नंबर 238 रकबा 0.0376 हेक्टेबर कुल रकबा 0.1376 हेक्टेयर भूमि में चौकी संचालित की जा रही है। सभासद राजेश भट्ट ने कहा कि 80 के दशक में यह चौकी दुर्गा चौक एक मकान में किराए पर संचालित की जाती थी। 1987 में चौकी को जोगियाणा, अठूरवाला में गिरवर सिंह सजवाण के यहां दुकानों में चलाया जाता था। 1995 से अब तक चौकी टीएचडीसी के सीमेंट गोदाम में संचालित की जा रही है।