नेपाल में हिंसक संघर्ष, एसएसपी समेत 21 पुलिसकर्मियों की हत्या
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नेपाल में अलग मधेशी (थारूवान) राज्य की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने सोमवार को उग्र रूप ले लिया। पश्चिमी नेपाल में कैलाली जिले के टीकापुर (महेंद्र नगर से करीब डेढ़ सौ किमी दूर) कस्बे में सोमवार दोपहर बाद मधेशी राज्य आंदोलनकारियों के हिंसक प्रदर्शन में कैलाली जिले के एसएसपी समेत 21 पुलिसकर्मी मारे गए।
इनमें तीन पुलिसकर्मियों को तो आंदोलनकारियों ने जिंदा जला दिया। आंदोलनकारियों के हमले में 50 से अधिक जवान घायल हुए हैं। नेपाल पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीन आंदोलनकारियों की भी मौत हुई है।
कैलाली जिले के प्रमुख जिलाधिकारी राज बहादुर श्रेष्ठ इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नेपाल के गृह मंत्री वामदेव गौतम ने कैलाली जिले को संकटग्रस्त घोषित कर वहां सेना तैनात करने के आदेश दिए जिसके बाद समूचे जिले में सेना तैनात कर दी गई है तथा घटनावाले क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके अलावा कंचनपुर में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
तीन पुलिसकर्मियों को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया
यहां मिली सूचनाओं में कहा गया है कि अलग थारूवान (मधेसी) राज्य की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी लाठी डंडे, दरांती, चाकू, भाले और कुल्हाड़ी लेकर टीकापुर कसबे में एकत्र हुए थे। इसे देखते हुए वहां भारी संख्या में पुलिस तैनात की गई थी।
सोमवार को कैलाली जिले के एसएसपी लक्ष्मण न्यूपाने फोर्स के साथ टीकापुर क्षेत्र के हालात का निरीक्षण करने जा रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया। नोकझोंक के बाद उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने एसएसपी और पुलिस फोर्स पर हमला कर दिया।
हमले में एसएसपी लक्ष्मण न्यूपाने, इंस्पेक्टर बलराज बिष्ट, केशव बोरा, हवलदार राम बिहारी चौधरी, ललित साउद, कांस्टेबल लोकेंद्र चंद और लक्ष्मण खनका समेत 21 जवान मारे गए। बताया जाता है कि इनमें से तीन पुलिस कर्मियों को प्रदर्शनकारियों ने पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया।
आंदोलनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश
कैलाली के डीएसपी विश्वराज खड़का ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कैलाली के एसडीएम उदय बहादुर ठकुरी ने बताया कि मौके पर सेना तथा अन्य जिलों की फोर्स पहुंच गई है।
आंदोलनकारियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। हाल के दिनों में पश्चिमी नेपाल में हिंसा की यह सबसे बड़ी वारदात है।
उल्लेखनीय है कि अलग थारूवान (मधेशी) राज्य की मांग को लेकर आंदोलित थरूहट संगठन ने पिछले बीस दिन से कैलाली और भारतीय सीमा से लगे कंचनपुर जिला बंद का ऐलान कर रखा है। कंचनपुर जिले में संगठन के समर्थकों की संख्या कम होने से वहां आंदोलन का उतना असर नहीं है, लेकिन कैलाली जिले में बंद का व्यापक असर है।