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दून की सड़कों पर दौड़ी 85 साल की ‘बूढ़ी’
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 15 Dec 2014 01:59 AM IST
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उम्र भले हो चुकी हो, लेकिन जलवा अब भी कायम है। 1929 की कन्वर्टिबल फोर्ड ए कार रविवार को राजधानी की सड़कों पर निकली तो देखने वाले देखते ही रह गए।
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85 साल की यह ‘बूढ़ी’ हिस्सा थी विरासत आयोजक रीच की विंटेज क्लासिक कार और बाइक रैली की। रैली में शामिल दशकों पुरानी कई दूसरी कारें और बाइक, स्कूटर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।
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1929 की फोर्ड ए रही सबसे खास
विरासत मेले के तहत तीसरी रीच विंटेज कार रैली को सुबह 11 बजे अंबेडकर स्टेडियम से समाजसेवी एस फारुख और आईपीएस अधिकारी अमित सिन्हा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली गढ़ी कैंट, डाकरा बाजार, दिलाराम चौक, राजपुर रोड, जाखन होते हुए पैसिफिक माल में संपन्न हुई।
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रैली में मॉलिश बॉडी 1951, सहारनपुर से आई लैंड रोवर, हिलमैन रेड, हिलमैन ब्राउन, इंडियाना बाइक, वेस्पा स्कूटर आदि शामिल रहे। लेकिन इन सबमें खास रही 1929 की फोर्ड ए। रैली के बाद यही कार विजेता भी घोषित की गई। इस मौके पर लोकेश ओहरी, विजयश्री आदि उपस्थित रहे।
‘बंटी और बबली’ की कार
रैली की विजेता रही 1929 की कन्वर्टिबल फोर्ड ए कार बंटी और बबली फिल्म में नजर आई थी। कार मालिक विजय अग्रवाल ने बताया कि फोर्ड कंपनी ने यह कार 1928 में बनाई थी, लेकिन भारत में यह अगले साल यानी 1929 में पहुंची। इसलिए यहां इसे 1929 माडल ही माना जाता है। बताया कि पिछले साल भी वह रैली में आए थे, लेकिन एक बाइक की टक्कर के बाद उन्हें लौटना पड़ा था।
पहुंचते ही बंद हो गई गाड़ी
रैली का हिस्सा बनी सभी गाड़ियां पैसिफिक मॉल तक तो पहुंच गई। लेकिन यहां आते ही एक पुरानी कार खराब हो गई। वह काफी देर तक स्टार्ट नहीं हुई तो लोग इसे खींचते हुए वापस ले गए।