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Dehradun News: 16 से अनिश्चित कालीन धरना शुरू करेंगे ग्रामीण
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दांवापुल-खारसी मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति के विरोध में खत द्वार के ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग के दफ्तर में 16 जून से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया है। इस संबंध में एक पत्र उप जिलाधिकारी चकराता को भी भेजा है।
खत द्वार के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद थपलियाल ने कहा कि 30 किमी लंबी यह सड़क एक दर्जन से अधिक गांवों की आवाजाही को जोड़ती है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के बाद से सुध नहीं ली है। सड़क पर अब तक कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें छह से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। दैनिक आवाजाही और फसलों को मंडी तक ले जाने के लिए ग्रामीण हर दिन जान जोखिम में डालकर सड़क पर यात्रा करते हैं।
उन्होंने कहा कि 30 किमी लंबे इस मोटर मार्ग से खत द्वार और खत बिशलाड़ के कुराड़, मिंडाल, सिचाड़, खनाड़, मंझागांव समोग, थण्ता, जोगियो समेत एक दर्जन गांव की आबादी जुड़ी है। वर्ष 1994 में पहाड़ काट कर सड़क का निर्माण किया गया है, लेकिन अब तक डामरीकरण नहीं किया गया है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। जिस कारण मरीज को निजी वाहन से दांवापुल तक ले जाना पड़ता है। कहा कि विरोध में खत के लोगों ने 16 जून से लोक निर्माण विभाग के चकराता स्थित कार्यालय में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।
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बयान...
सड़क सुधारीकरण को लेकर प्रस्ताव बनाकर शासन को पूर्व में कई बार भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होने पर ही डामरीकरण कार्य संभव है। समय-समय पर जेसीबी से मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक कराया जाता है। - डीपीएस नेगी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड चकराता
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खत द्वार के अध्यक्ष सुरेश प्रसाद थपलियाल ने कहा कि 30 किमी लंबी यह सड़क एक दर्जन से अधिक गांवों की आवाजाही को जोड़ती है, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण के बाद से सुध नहीं ली है। सड़क पर अब तक कई हादसे हो चुके हैं, जिसमें छह से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। दैनिक आवाजाही और फसलों को मंडी तक ले जाने के लिए ग्रामीण हर दिन जान जोखिम में डालकर सड़क पर यात्रा करते हैं।
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उन्होंने कहा कि 30 किमी लंबे इस मोटर मार्ग से खत द्वार और खत बिशलाड़ के कुराड़, मिंडाल, सिचाड़, खनाड़, मंझागांव समोग, थण्ता, जोगियो समेत एक दर्जन गांव की आबादी जुड़ी है। वर्ष 1994 में पहाड़ काट कर सड़क का निर्माण किया गया है, लेकिन अब तक डामरीकरण नहीं किया गया है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि गांव तक 108 एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती। जिस कारण मरीज को निजी वाहन से दांवापुल तक ले जाना पड़ता है। कहा कि विरोध में खत के लोगों ने 16 जून से लोक निर्माण विभाग के चकराता स्थित कार्यालय में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है।
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बयान...
सड़क सुधारीकरण को लेकर प्रस्ताव बनाकर शासन को पूर्व में कई बार भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होने पर ही डामरीकरण कार्य संभव है। समय-समय पर जेसीबी से मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों को ठीक कराया जाता है। - डीपीएस नेगी, अधिशासी अभियंता, लोनिवि निर्माण खंड चकराता