फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Villagers walk 17 kilometers on snow and admitted patient in hospital uttarkashi

बर्फबारी बनी मुसीबत, 17 किलोमीटर पैदल चलकर बीमार महिला को पहुंचाया अस्पताल

Wed, 30 Jan 2019 08:58 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बड़कोट (उत्तरकाशी)
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, बड़कोट (उत्तरकाशी) Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 30 Jan 2019 08:58 AM IST
विज्ञापन
Villagers walk 17 kilometers on snow and admitted patient in hospital uttarkashi
बर्फ के बीच पैदल चलकर महिला को अस्पताल ले जाते ग्रामीण

सरकारी तंत्र की अनदेखी से आहत ग्रामीणों ने स्वयं ही नारायणपुरी गांव की बीमार महिला को बर्फ से ढके रास्तों से 17 किमी की पैदल दूरी नापकर बड़कोट अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद महिला को देहरादून रेफर किया गया। यमुनोत्री हाईवे पर हनुमानचट्टी से आगे एक सप्ताह बाद भी यातायात सुचारू नहीं होने व प्रशासन की ओर से मदद मुहैया नहीं कराने पर ग्रामीणों में रोष है। 

विज्ञापन


उत्तराखंड में उत्तरकाशी के नारायणपुरी गांव की जयमाला देवी (28) पत्नी अनय सिंह की बीते 26 जनवरी को अचानक तबियत बिगड़ गई थी, लेकिन नारायणपुरी से हनुमानचट्टी तक सड़क बर्फ से पटी होने के कारण परिजन उसे अस्पताल नहीं पहुंचा सके। क्षेत्र में बिजली एवं संचार सेवाएं भी ठप होने के कारण किसी को सूचना भी नहीं दी जा सकी।
विज्ञापन


27 जनवरी को महिला के पति अनय सिंह ने गांव से करीब एक किमी दूर स्थित जानकीचट्टी पुलिस चौकी में पहुंचकर समस्या बताई, जिस पर पुलिस ने वायरलेस सैट के माध्यम से बड़कोट थाने को इसकी सूचना देकर मदद मांगी। लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने के कारण तहसील मुख्यालय से भी बीमार महिला तक कोई मदद नहीं पहुंचाई जा सकी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मंगलवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने पटवारी को गांव जाने के निर्देश दिए, जबकि एनएच व लोनिवि के कर्मचारी भी सड़क खोलने में जुट गए। हालांकि तब तक ग्रामीण महिला को स्वयं ही कंडी में लादकर 17 किमी दूर स्यानाचट्टी तक पहुंच गए।

यहां से निजी वाहन की मदद से महिला को बड़कोट स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने महिला को देहरादून रेफर कर दिया। डा. अंगद राणा ने बताया कि महिला मानसिक रूप से कमजोर होने की वजह से विचलित है।

इसके अतिरिक्त उसके स्वास्थ्य में किसी प्रकार की गंभीर दिक्कत नहीं है। हालांकि बेहतर इलाज के लिए उसे देहरादून स्थित मनोचिकित्सक के पास रेफर किया गया है।

सरकारी तंत्र के खिलाफ रोष
बीमार महिला को लेकर अस्पताल पहुंचे प्रमोद, संजय सिंह, नरेश, नितिन सिंह आदि ने सरकारी तंत्र के खिलाफ रोष जताया। उन्होंने कहा कि पुलिस तक सूचना पहुंचाने के बावजूद महिला को निकालने के लिए एसडीआरएफ व पुलिस की टीम नहीं भेजी गई। ऐसे में उन्हें स्वयं ही बर्फीले रास्तों से महिला को कंधों पर उठाकर लाना पड़ा।

हनुमानचट्टी से फूलचट्टी तक सड़क से बर्फ हटा दी गई है, लेकिन सड़क पर पाले के कारण फिलहाल वाहनों की आवाजाही नहीं हो पा रही है। बुधवार तक यहां यातायात सुचारु कर दिया जाएगा।
-संदीप बिष्ट, साइट इंचार्ज, एनएच बड़कोट।

प्रशासन की ओर से बर्फबारी से प्रभावित गांवों की गर्भवती महिलाओं को पहले ही नजदीकी अस्पताल तक पहुंचा दिया गया है। हालांकि महिला के अचानक बीमार होने व संचार व यातायात सुविधा नहीं होने के कारण इस प्रकरण में कुछ दिक्कतें आई हैं, जिससे सबक लेते हुए सभी अधिकारियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनुराग आर्य, एसडीएम बड़कोट।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed