पहाड़ की पीड़ा: 95 साल की बुजुर्ग महिला को डोली से चार किमी पैदल चलकर पहुंचाया अस्पताल
- क्वारबन के ग्रामीण पिछले 30 सालों से कर रहे हैं सड़क निर्माण की मांग
- सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को आए दिन करना पड़ता है परेशानी का सामना
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सड़क नहीं होने से नेपाल सीमा से सटे क्वारबन के ग्रामीण पिछले कई सालों से डोली के सहारे बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं।
इसके बाद भी शासन-प्रशासन को सीमांत के ग्रामीणों का दर्द नहीं दिख रहा है। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी सड़क का निर्माण नहीं किया जा रहा है।
क्वारबन की बुजुर्ग 95 वर्षीय मोतिमा देवी को पेट में दर्द होने पर ग्रामीणों ने डोली से चार किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर उन्हें ओखल पहुंचाया। इसके बाद यहां से बीमार अम्मा को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। बुजुर्ग महिला को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है।
प्रधान योगेश सिंह ने बताया कि ग्रामीण आए दिन ऐसे ही डोली के सहारे बीमार, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं। सड़क निर्माण की मांग को लेकर वे कई बार जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों को पत्र दे चुके हैं।
120 परिवार रहते हैं क्वारबन गांव में
इसके बाद भी सड़क निर्माण को लेकर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात के वक्त डोली से बीमार लोगों को सड़क तक पहुंचाने में काफी दिक्कतें होती हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र सड़क निर्माण की मांग की है।
बता दें कि सीमांत से सटे क्वारबन गांव में 120 परिवार रहते हैं। ये ग्रामीण पिछले 30 सालों से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के वक्त सभी लोग सड़क बनाने का आश्वासन देते हैं लेकिन जीतने के बाद गांव की ओर पलट कर भी नहीं देखते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर सड़क निर्माण को लेकर शीघ्र कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो वे महिलाओं और बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।