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मित्र पुलिस ने निभाई दुश्मनी, बच्चों को भी नहीं छोड़ा

Tue, 08 Jul 2014 04:06 PM IST
यासीन अंसारी/ अमर उजाला, सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)
यासीन अंसारी/ अमर उजाला, सितारगंज (ऊधमसिंह नगर) Updated Tue, 08 Jul 2014 04:06 PM IST
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सितारंगज में हेड कांस्टेबल की पिटाई के बाद उसे बंधक बनाने की घटना के बाद पुलिस और पीएसी जवानों ने चेतुआखेड़ा गांव की थारु पट्टी में कहर बरपा दिया।

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बदला लेने को उतारू पुलिस ने रविवार रात बच्चों, विकलांग और महिलाओं को भी नहीं बख्शा। गांववालों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें भी बुरी तरह पीटा।

उनके घरों में रखे दर्जनों टीवी, बाइक, कूलर, पंखे और अन्य सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। अनाज भी सड़कों पर फेंक दिया।

दहशतजदा कई पुरुषों ने घर-बार छोड़ दिया

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पुलिस के डर से दहशतजदा कई पुरुषों ने घर-बार छोड़ दिया है। अमर उजाला टीम जब गांव पहुंची तो भयभीत लोग सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा रहे थे।

जब उन्हें कुछ भरोसा दिलाया गया तो सारा माजरा धीरे-धीरे सामने आया। ग्रामीणों ने शनिवार की शाम हुई घटना की वजह बाइक गणना के बजाय चुनावी रंजिश बताया।

नानकसागर डैमपार चेतुआखेड़ा गांव के लिए रविवार का दिन काले अध्याय में दर्ज हो गया है।

हेड कांस्टेबल के साथ मारपीट में नामजद 13 आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देने भारी संख्या में गए पीएसी जवानों और पुलिस कर्मियों ने आरोपियों के घर खंगालने के साथ ही अन्य ग्रामीणों पर भी बर्बरता दिखाई।

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लगभग 80 घरों में पुलिस ने मचाया तांडव

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गांव की थारु पट्टी में बसे जनजाति के लगभग 80 घरों में से पूर्व प्रधान बलवंत सिंह का घर छोड़कर हर घर पर पुलिस ने तांडव मचाया।

सोमवार को गांव में सन्नाटा पसरा था। भूखे-प्यासे जानवर छटपटा रहे थे। घरों का आलम यह था कि दरवाजे खुले थे। सामान बिखरा था।

कहीं मोटर साइकिल क्षतिग्रस्त पड़ी थीं तो कहीं रोजमर्रा की जरूरतों का सामान बिखरा पड़ा था। चूल्हे तोड़ दिए गए थे और घरों में रखा सारा अनाज फेंक दिया गया था।

महिलाओं ने पुलिस के तांडव का विरोध किया तो उनकी भी पिटाई की गई। इनमें विधवा मानवती, विकलांग चंपावती और गर्भवती लक्ष्मी देवी समेत कई महिलाएं शामिल हैं।

पुलिस के गुस्से से ग्रामीण इतने दहशतजदा हैं कि अस्त-व्यस्त पड़े सामान को छोड़कर जंगल में भाग गए हैं।

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चुनावी रंजिश के तहत हुई है सारी साजिश

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पीड़ितों का आरोप है कि दोनों पुलिस कर्मी नवनिर्वाचित प्रधान के घर पार्टी की और फिर 78 वोटों से हारे प्रधान पद के उम्मीदवार राजेश राणा उर्फ राजू के घर में बाइक गणना के बहाने घुस गए।

उससे अभद्रता की और थप्पड़ जड़ दिए, जबकि राजू के पास कोई बाइक नहीं है। घटना चुनावी रंजिश के तहत हुई है। इधर, पूर्व प्रधान की मां कौशल्या देवी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पुलिस उनके घर पर नहीं आई।

पुलिस ने बदले की भावना से कार्रवाई की है। कानून के रखवाले ही जब कानून को अपने हाथ में लेंगे तो आम जनता का क्या होगा। मैं दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करता हूं। इस बर्बरता के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
- डॉ. प्रेम सिंह राणा, विधायक नानकमत्ता

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