जानिए क्यों? आखिर इस गांव के लोग विधानसभा चुनाव में दबाएंगे 'नोटा'
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उत्तराखंड की यमकेश्वर विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्यालिंगा के ग्रामीण आगामी विधानसभा चुनाव में नोटा का प्रयोग करेंगे।
वर्षों से अटके घराट-मुंडला मार्ग पर काम शुरू नहीं होने से नाराज ग्राम पंचायत स्यालिंगा के ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान एबीएम मशीन में नन ऑफ द एबव (नोटा) का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।
स्व. सरोजनी देवी लोक विकास समिति के बैनर तले ग्राम पंचायत स्यालिंगा में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों पर उनकी उपेक्षा का आरोप लगाया।
आज तक सड़क सुविधा लाभ नहीं
बैठक में कहा गया कि कितनी सरकारें आई और गईं, लेकिन उन्हें सड़क स्वीकृत होने के बावजूद आज तक सड़क सुविधा लाभ नहीं दिया गया।
यही नहीं, उनके क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा भी नहीं दी गई है। ग्रामीणों को डाक्टर तक पहुंचने और बाजार आने के लिए नौ किमी का जंगली रास्ता तय करना पड़ता है।
हर बार चुनाव में नेता आते हैं, उन्हें सड़क से जोड़ने की बात करते हैं, लेकिन जीतने के बाद गायब हो जाते हैं। ऐसे में उन्हें अब किसी भी राजनीतिक दल पर विश्वास नहीं रह गया है, इसलिए वे अपने अधिकारों का प्रयोग कर मतदान के दिन एबीएम मशीन में नोटा का बटन दबाएंगे।
इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, धीरज सिंह रावत, गजे सिंह रावत, सोहन सिंह, विक्रम सिंह नेगी, बुद्धिराम, संतन सिंह, संतोष सिंह, संदीप सिंह, सतेंद्र सिंह, जगमोहन सिंह, रविंद्र सिंह, जंगबहादुर सिंह, मेहरबान सिंह आदि मौजूद थे।