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उत्पीड़न में फंसे ग्रामीण निर्माण विभाग के अफसर
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:51 PM IST
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ग्रामीण निर्माण विभाग (आरडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता और दो अधीक्षण अभियंता सहायक अभियंता के उत्पीड़न के मामले में फंस गए हैं।
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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने तीनों अफसरों को दोषी मानते हुए मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आयोग ने कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट भी एक सप्ताह के भीतर तलब की है।
ग्रामीण निर्माण विभाग में तैनात सहायक अभियंता प्रवेश कुमार ने राष्ट्रीय जनजाति आयोग में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि विभागीय मुख्य अभियंता भूपिंदर सिंह कैडा, अधीक्षण अभियंता योगेंद्र दत्त पांडे और अजय कुमार पंत ने एक साजिश के तहत उसकी 2014-15 और 2014-15 की सालाना चरित्र पंजिका में हेराफेरी की।
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प्रवेश ने इन अफसरों पर जातिगत आधार पर उत्पीड़न करने का आरोप भी लगाया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान आयोग ने आरोपों को सही पाया। अब आयोग ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को मुख्य अभियंता समेत तीनों अफसरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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पीड़ित सहायक अभियंता ने आयोग को दिए गए प्रार्थना पत्र में विभागीय डीपीसी पर भी रोक लगाने की मांग की थी। आयोग ने इस संबंध में मुख्य सचिव को पत्र भी लिखा था लेकिन बावजूद इसके अधिकारियों की डीपीसी कर दी गई।