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Ram Vilas Yadav: आईएएस अफसर के तीन ठिकानों पर विजिलेंस का छापा, देहरादून में कार्रवाई जारी, लखनऊ भी पहुंची टीम

Sun, 12 Jun 2022 10:45 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 12 Jun 2022 10:45 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश की सपा सरकार में कई कद्दावर नेताओं के करीबी रह चुके रामविलास यादव उत्तराखंड में समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव थे। गत 19 अप्रैल को आईएएस रामविलास के खिलाफ विजिलेंस ने मुकदमा दर्ज किया था। 

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Vigilance raided three places of IAS Ram Vilas Yadav in disproportionate assets case
छापा - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपी आईएएस डॉ. रामविलास यादव के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के चार ठिकानों लखनऊ स्थित दो घरों, देहरादून स्थित सरकारी आवास और पत्नी के नाम से लखनऊ में संचालित स्कूल की विजिलेंस ने तलाशी ली। इस कार्रवाई में स्कूल के बारे में खुलासा हुआ है। इसकी कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तलाशी के दौरान आवासों में कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था। 

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विजिलेंस निदेशक अमित सिन्हा ने बताया कि आईएएस डॉ. रामविलास यादव के खिलाफ गत 16 अप्रैल को विजिलेंस देहरादून सेक्टर में आय से अधिक संपत्ति का मुकदमा दर्ज हुआ था। उनकी यह जांच उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कई तैनातियों के मद्देनजर की गई थी। यूपी सरकार ने भी उनकी जांच के संबंध में उत्तराखंड के कुछ दस्तावेज भेजे थे। मुकदमे के बाद उनके ठिकानों (आवास व अन्य दफ्तर आदि) में तलाशी के लिए अदालत से सर्च वारंट लिया गया था। 
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इसी क्रम में शनिवार को विजिलेंस की टीम देहरादून में टिहरी हाउस राजपुर रोड स्थित सरकारी आवास, गांव परेवा, दूसरी टीम तहसील जखनिया, दौलतपुर, गाजीपुर, तीसरी टीम जनता विद्यालय, कुर्सी रोड, गुडंबा, लखनऊ और चौथी टीम लखनऊ के दिलकश विहार कॉलोनी, सीतापुर रोड पर आवास भेजी गई थी। सिन्हा ने बताया कि इन आवासों से कई दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं। इनमें बहुत से दस्तावेज संपत्तियों से संबंधित हैं। उनके आवासों में घर का कोई सदस्य मौजूद नहीं था।

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लखनऊ में स्कूल पत्नी के नाम से संचालित

आवासों की सारी जिम्मेदारी केयर टेकरों को दी गई थी। ऐसे में पड़ताल में भी समस्या आई है। लखनऊ में स्कूल उनकी पत्नी कुसुम के नाम से संचालित है। वह वहां पर खुद प्रधानाचार्य भी हैं। इस स्कूल में 18 कंप्यूटर, 15 एसी लगे हैं। इसकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। 

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संपत्तियों के दस्तावेजों की हो रही है जांच 

सभी आवासों से काफी दस्तावेज विजिलेंस की टीम ने कब्जे में लिए हैं। इनके आवास से किसी प्रकार के आभूषण आदि की जानकारी टीम को नहीं लग पाई है। निदेशक ने बताया कि इन कागजात की जांच की जा रही है। डॉ. रामविलास यादव लखनऊ में एलडीए (लखनऊ विकास प्राधिकरण) के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उत्तराखंड में वह समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव भी रह चुके हैं। उन पर अन्य भी कई आरोप हैं।

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