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Dehradun News: कोर्ट में बयानों से पलटा पीड़ित, मुकदमे के आदेश
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मारपीट और जानलेवा हमले में मुख्य गवाह पीड़ित ही अपने बयानों से पलट गया। मुदकमे में उसने खुद पर फायर करने की बात कही थी। लेकिन, कोर्ट में जिरह के दौरान उसने कह दिया कि वहां बहुत अंधेरा था गोली चलने की बात उसने गलतफहमी में कह दी थी। मामले में अपर जिला जज अष्टम की कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया और पीड़ित की गवाही को अविश्वसनीय मानते हुए उसके खिलाफ मुकदमा चलाने के आदेश जारी कर दिए।
मुकदमा श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के कर्मचारी सोमप्रकाश ने 26 दिसंबर 2013 को पटेलनगर थाने में रणवीर भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कराया था। शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया कि सोमप्रकाश के अनुसार वह इस दिन अपने ऑफिस में बैठा हुआ था। उसी वक्त रणवीर भारद्वाज अपनी कार से वहां पर आया और उसे नो पार्किंग में पार्क करने लगा। आरोप था कि इसका सोमप्रकाश ने विरोध किया तो भारद्वाज उसके साथ गाली गलौज करने लगा। अन्य गार्डों के साथ भी वह मारपीट पर उतारू हो गया।
आरोप था कि इस बीच भारद्वाज ने फायर झोंक दिया। गोली सामने नो पार्किंग के बोर्ड से टकराकर वहां खड़े गार्ड रोहित के पैर में लगी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान जब सोमप्रकाश की गवाही हुई तो उसने अपने बयानों को दोहराया। लेकिन, जिरह के वक्त अपने बयानों से पलट गया। सोमप्रकाश ने कहा कि जिस वक्त झगड़ा हुआ वहां पर लाइट चली गई थी। चारों ओर अंधेरा हो गया था। उसने गोली चलाने की बात भी गलतफहमी में कह दी थी। इस पर न्यायालय ने रणवीर भारद्वाज को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जबकि, वादी सोमप्रकाश के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 344 कोर्ट में झूठी गवाही देने के आरोप में मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।
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मुकदमा श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के कर्मचारी सोमप्रकाश ने 26 दिसंबर 2013 को पटेलनगर थाने में रणवीर भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कराया था। शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया कि सोमप्रकाश के अनुसार वह इस दिन अपने ऑफिस में बैठा हुआ था। उसी वक्त रणवीर भारद्वाज अपनी कार से वहां पर आया और उसे नो पार्किंग में पार्क करने लगा। आरोप था कि इसका सोमप्रकाश ने विरोध किया तो भारद्वाज उसके साथ गाली गलौज करने लगा। अन्य गार्डों के साथ भी वह मारपीट पर उतारू हो गया।
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आरोप था कि इस बीच भारद्वाज ने फायर झोंक दिया। गोली सामने नो पार्किंग के बोर्ड से टकराकर वहां खड़े गार्ड रोहित के पैर में लगी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे के दौरान जब सोमप्रकाश की गवाही हुई तो उसने अपने बयानों को दोहराया। लेकिन, जिरह के वक्त अपने बयानों से पलट गया। सोमप्रकाश ने कहा कि जिस वक्त झगड़ा हुआ वहां पर लाइट चली गई थी। चारों ओर अंधेरा हो गया था। उसने गोली चलाने की बात भी गलतफहमी में कह दी थी। इस पर न्यायालय ने रणवीर भारद्वाज को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जबकि, वादी सोमप्रकाश के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 344 कोर्ट में झूठी गवाही देने के आरोप में मुकदमा चलाने के आदेश दिए हैं।
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