यादों में दिलीप कुमार: 'मधुमति' की शूटिंग के लिए नैनीताल आए थे दिलीप कुमार, ये दो मशहूर गीत हुए थे शूट
आजादी के बाद इस क्षेत्र में यह किसी फिल्म की पहली शूटिंग थी, लिहाजा लोगों में शूटिंग देखने को लेकर बहुत उत्साह था।
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ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार वर्ष 1958 में फिल्म मधुमति की शूटिंग के लिए नैनीताल आए थे। लगभग छह हफ्ते तक यहां रहे। इस दौरान उन्होंने घोड़ाखाल स्थित चीड़ के जंगलों के बीच फिल्म के दो प्रमुख गीत 'सुहाना सफर और यह मौसम हंसी' और 'दैया रे दैया चढ़ गयो पापी बिछुआ' का फिल्मांकन किया।
शूटिंग देखने को लेकर बहुत उत्साह
आजादी के बाद इस क्षेत्र में यह किसी फिल्म की पहली शूटिंग थी, लिहाजा लोगों में शूटिंग देखने को लेकर बहुत उत्साह था। नैनीताल, भीमताल और आसपास के क्षेत्रों से लोग पैदल ही शूटिंग देखने के लिए घोड़ाखाल में उमड़ पड़े थे।
आम व्यक्ति किस तरह स्थानीय लोगों से मिले
तब दिलीप कुमार एक फिल्म एक्टर की तरह नहीं, बल्कि आम व्यक्ति किस तरह स्थानीय लोगों से मिले और उन्होंने उनका हाल जाना। दिलीप कुमार की यह अदा आज भी फिल्म की शूटिंग देख चुके लोगों को बखूबी याद है।
मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली
दिलीप कुमार ने आज मुंबई के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनके जाने की खबर से देशभर में शोक की लहर है। बॉलीवुड सितारों से लेकर राजनेता, सभी लगातार अपना दुख जता रहे हैं।
25 साल की उम्र में देश के नंबर वन एक्टर के रूप में स्थापित हुए
दिलीप कुमार के ट्विटर हैंडल से सुबह 8 बजे उनके निधन की जानकारी ट्वीट की गई। यह ट्वीट उनके पारिवारिक मित्र फैसल फ़ारूकी की ओर से किया गया। दिलीप साहब ट्रेजेडी किंग के साथ ऑलराउंडर एक्टर भी कहे जाते थे। 25 साल की उम्र में वे देश के नंबर वन एक्टर के रूप में स्थापित हो गए थे।
ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर थे
दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद युसूफ खान था। उनका जन्म 11 दिसंबर 1922 को हुआ था। बॉलीवुड में वे ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर थे। दिलीप कुमार ने अपने एक्टिंग की शुरुआत 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से की थी।