फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   venkaiah naidu statement for Uttarakhand special state status

केंद्रीय मंत्री ने ली अधिकारियों की क्लास, उत्तराखंड को विशेष राज्य का दर्जा ठुकराया

Fri, 30 Jun 2017 09:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 30 Jun 2017 09:37 AM IST
विज्ञापन
venkaiah naidu statement for Uttarakhand special state status

केंद्र से एक के बाद एक सौगातों की उम्मीद कर रहे उत्तराखंड को विशेष राज्य के दर्जे पर मायूसी झेलनी पड़ी है। बृहस्पतिवार को दून पहुंचे नायडू ने उत्तराखंड को आकाशवाणी-दूरदर्शन केंद्र की सौगात देने के साथ शहरी विकास और आवास की तीन केंद्रीय योजनाओं के 51.14 करोड़ के अवशेष बजट को भी मंजूरी दे दी, लेकिन विशेष राज्य के दर्जे पर उनका रुख सख्त रहा।

विज्ञापन


उन्होंने दो टूक कह दिया है कि किसी भी राज्य को इस तरह की सुविधा देने का केंद्र का कोई विचार नहीं है, हर राज्य इस तरह की मांग कर रहा है। नायडू ने न सिर्फ विशेष राज्य पर उत्तराखंड को झटका दिया, बल्कि कई केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की धीमी रफ्तार पर राज्य को आईना दिखाने में भी कसर नहीं छोड़ी।
विज्ञापन


उन्होंने सवाल किया कि आखिर क्या वजह है कि केंद्र की योजनाओं का उत्तराखंड लाभ नहीं ले पा रहा। उन्होंने कहा कि अब बजट आवंटन का आधार पिछड़ापन नहीं, बल्कि रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म होगा। हालांकि ये बात उन्होंने सभी राज्यों का संदर्भ लेते हुए कही, लेकिन इसे भी उत्तराखंड के लिए नसीहत मानी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


दून स्मार्ट सिटी का तोहफा देने के छठवें दिन उत्तराखंड पहुंचे केंद्रीय मंत्री और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने करीब दो साल से ट्रायल पर चल रहे दूरदर्शन और आकाशवाणी केंद्र का बृहस्पतिवार को संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि इस केंद्र के कार्यक्रमों में स्थानीय बोली-भाषा और संस्कृति की झलक दिखलाई देगी। उन्होंने जल्द ही इस केंद्र के मार्फत 24 घंटे और सातों दिन की सेवाएं शुरू कराने का ऐलान किया।

इधर लोकल लीडरशिप पर जोर, उधर मेयर गैरमौजूद

venkaiah naidu statement for Uttarakhand special state status

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत की मौजूदगी में आयोजित मीटिंग में उन्होंने अफसरों की जमकर क्लास ली। बैठक के बाद जब वह मीडिया से मुखातिब हुए, तो योजनाओं की प्रगति के मामले में अपनी नाखुशी को जाहिर करने से भी नहीं चूके।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि विकास योजनाओं पर अमल करने की स्थिति अच्छी नहीं है। उन्होंने कहा मैंने अफसरों से पूछा है कि क्यों उत्तरांचल पीछे रह गया। केंद्रीय मंत्री ने साफ कहा कि वह अगली और पिछली सरकार के चक्कर में नहीं पड़ते। चाहे पुरानी सरकार हो या नई, योजनाओं की प्रगति पिछड़ी हुई है। इसमें सुधार होना चाहिए।

उन्होंने कहा सीएम और सीएस ने मुझसे वायदा किया है कि दिसंबर 2017 तक पूरे राज्य के शहरी क्षेत्र ओएफडी हो जाएंगे। राज्य के शहरी विकास और आवास मंत्री मदन कौशिक ने योजनाओं में 90 और 10 का अनुपात रखने की मांग की। यह अनुपात विशेष राज्यों के संदर्भ में लागू होता है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर राज्य यह मांग कर रहा है, इससे समस्या आएगी। मेरा खुद का राज्य आंध्र प्रदेश इससे कवर नहीं हो रहा है।

इधर लोकल लीडरशिप पर जोर, उधर मेयर गैरमौजूद
मीडिया से बातचीत में जिस वक्त केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू स्मार्ट सिटी के तैयार होने के लिए लोकल लीडरशिप की अहमियत बता रहे थे, उस वक्त मंच पर उनके साथ मेयर विनोद चमोली के न दिखने पर कई तरह के सवाल उठे। नायडू ने कहा कि स्मार्ट सिटी तब ही जल्द तैयार हो सकती है, जब मेयर, नगर आयुक्त और उनकी टीम तेजी दिखाए। जहां तेजी नहीं दिखेगी, वहां प्रोजेक्ट में देर होगी। हालांकि मेयर बैठक और प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान क्यों नहीं दिखाई दिए, इसकी वजह साफ नहीं हो पाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed