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बड़ा खुलासाः उत्तराखंड के खेतों में 'उग' रहा कैंसर

Thu, 26 Mar 2015 08:17 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 26 Mar 2015 08:17 AM IST
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vegetable spread cancer.

उत्तराखंड के खेतों में जानबूझ कर खेती का ऐसा तरीका अपनाया जा रहा है जो लोगों को अंजाने में कैंसर का शिकार बना सकता है। पढ़ें, चौंकाने वाली खबर...

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जिन हरी सब्जियों को आप सेहतमंद समझकर खा रहे हैं, वह आपको कैंसर जैसा जानलेवा रोग दे सकती हैं। देहरादून में बीमारी की खेती बड़े पैमाने पर हो रही है। वह भी सरकारी महकमे की शह पर।
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जलसंस्थान सीवर के गंदे पानी का ठेका देता है और इसी गंदगी से सैकड़ों बीघा जमीन पर सब्जियां उगाई जा रही हैं। चिंता की बात यह कि इन सब्जियों में पाए जाने वाले बैक्टीरिया (पैथोजन) से आने वाली पीढ़ी को भी रोगों का खतरा है। ठेकेदार के इस नाले का पानी बेचने पर बीते सोमवार किसान भी खासा हंगामा कर चुके हैं।
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गंदे पानी का टेंडर, 150 प्रति बीघा की वसूली
महंत इंद्रेश अस्पताल के पीछे के तकरीबन 300 बीघा समेत सुसवा नदी के किनारे सैकड़ों बीघा जमीन पर खेती होती है। इस इलाके में सिंचाई का संकट है। यही संकट जल संस्थान के लिए कमाई का जरिया बन गया है।

इस इलाके से गुजरते नाले के जरिये सीवर लाइन की गंदगी नदियों तक पहुंचती है। जल संस्थान खेतों की सिंचाई के लिए इसी गंदे पानी को टेंडर के जरिये बेचता है।

टेंडर लेने वाला ठेकेदार सीवर के पानी के लिए किसानों से प्रति बीघा 150 रुपए हर महीने वसूलता है। इस जहरीली गंदगी में पाए जाने वाले तत्व जानलेवा हैं, लेकिन यही तत्व फसलों की पैदावार कई गुना बढ़ा देते हैं।

बेहतर उत्पादन को ‘जहर’ का सहारा

vegetable spread cancer.

पंतनगर कृषि विवि में वेजिटेबल साइंस डिपार्टमेंट के प्रो. एसपी उनियाल बताते हैं कि सब्जी उत्पादन के लिए कुछ हद तक ‘नाइट्रोजन’, ‘फासफोरस’ और ‘पोटेशियम’ चाहिए होता है।

सीवर या इंड्स्ट्रियल वेस्ट के पानी में यह तत्व 80 फीसदी तक होते हैं। इसलिए फसल बेहतरीन होती है। हालांकि इन तत्वों की ज्यादा मात्रा जानलेवा है।

सबसे ज्यादा दूषित यह सब्जियां

सबसे ज्यादा दूषित पालक होती है। उसके बाद पत्ता गोभी में सबसे ज्यादा खतरा है। लौकी, मिर्च, तुरई, टमाटर, राई आदि भी उगाई जाती है।  सीवर के पानी से उगाई गई सब्जी में दरअसल, कैडमियम, आर्सेनिक और लेड जैसे खतरनाक तत्व होते हैं।

वैज्ञानिक इन्हें भारी धातु की श्रेणी में रखते हैं। सब्जी को अच्छी तरह धोने, पकाने के बावजूद यह पूरी तरह नष्ट नहीं होते। दून अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. महावीर सिंह के अनुसार इनसे पेट की गंभीर बीमारियां होती हैं। लीवर, आंत पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है।

दूसरों की बीमारियां भी होती हैं ट्रांसफर

प्रो. एसपी उनियाल बताते हैं कि अक्सर गंभीर रोगों से पीड़ित लोग जो दवाएं खाते हैं, वह मलमूत्र के जरिये बाहर आती है और सीवर के पानी में मिल जाती है।

इस तरह किसी की बीमारी किसी और ट्रांसफर हो सकती है। कई जगह सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से सीवर के पानी को 10 से 20 प्रतिशत तक साफ किया जाता है। लेकिन, फिर भी इससे सिंचाई खतरनाक है।

कैसे हो रोकथाम

vegetable spread cancer.

- कच्ची सब्जी न खाएं
- फास्ट फूड से बचें
- सब्जी उबाल कर खाएं
- गंदे पानी में उगी सब्जी खाएं ही नहीं

कौन लेगा जिम्मेदारी...
जल संस्थान केवल सैलेस फार्म के पानी का टेंडर करता है। उसमें साफ पानी होता है। गंदे पानी का टेंडर जल संस्थान नहीं करता है। अगर ठेकेदार ऐसा करता है तो यह गलत है।
- सुभाष राव, जेई, जल संस्थान

जल संस्थान भ्रमित कर रहा है। कभी सैलेस फार्म में साफ पानी आता था। लेकिन अब यही नाले में बदल गया है। उसी का टेंडर कर जल संस्थान उसे साफ पानी बता रहा है। अधिकारी वहां का निरीक्षण तो करें।  
- विनोद चमोली, मेयर

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