रामकिशोर ने ऐसे उगाई 20 किलो की लौकी
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देहरादून में आयोजित उद्यान विभाग की प्रदर्शनी में रामकिशोर बीस किलो की लौकी के साथ पहुंचा। आप भी जानिए उसने कैसे उगाई 20 किलो की लौकी।
उद्यान विभाग की राज्य स्तरीय संगोष्ठी एवं प्रदर्शनी में बीस किलोग्राम की लौकी और आठ किलोग्राम की मूली खास आकर्षण का केंद्र बनी रही। संगोष्ठी में फल, फूल और सब्जियों के बेहतर उत्पादन पर तेरह किसानों को पुरस्कृत किया गया।
गुरुवार को किसान भवन में आयोजित प्रदर्शनी में प्रदेशभर से किसान अमरूद, आंवला, माल्टा, संतरा, सब्जियों में फूल गोभी, लौकी, टमाटर आदि लेकर पहुंचे थे। थानो देहरादून के किसान रामकिशोर साढ़े तीन फीट लंबी और 20 किलोग्राम वजनी लौकी लाए थे।
तस्वीरों में देखें...PICS: इन सब्जियों का वजन जान हैरान रह जाएंगे
इसी तरह ऊधमसिंह नगर के किसान दिनेश तीन फीट लंबी, आठ किलो वजन की मूली लेकर पहुंचे थे। लोग इन्हें देखते रह गए। इन किसानों ने बताया कि समय पर खाद और खेत में मेहनत से ही बेहतर उत्पादन मिलता है।
चमोली जिले के नारायणबगड़ निवासी अनंतराम सती का माल्टा और चंपावत के हरीश चंद जोशी का अदरक भी खूब पसंद किया गया। खुद मुख्यमंत्री हरीश रावत जोशी ने सराहना करते हुए इन किसानों का उत्साह बढ़ाया।
सब्जी और फल उत्पादन की दी जानकारी
संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में डॉ. घनश्याम पांडे ने अमरूद, आंवला, आम और बेल आदि फलों के उत्पादन, नई प्रजातियों व तुड़ाई के बाद प्रबंधन की जानकारी दी।
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के उप निदेशक डा. केएन त्रिपाठी ने किसानों के लिए बागवानी बोर्ड की योजनाओं के बारे में बताया। निदेशक बागवानी मिशन बीएस नेगी, वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार, योगेश्वर सिंह, प्रभात कुमार आदि ने विचार रखे।
ये किसान हुए पुरस्कृत
रुद्रप्रयाग के राजेंद्र सिंह, चंपावत के पुष्कर दत्त कापड़ी, पिथौरागढ़ के दरबान सिंह, ऊधमसिंह नगर के मुख्तियार चंद, उत्तरकाशी के किशोर सिंह राणा, अल्मोड़ा के गणेश गिरी, पौड़ी गढ़वाल के बृजेंद्र सिंह रावत, बागेश्वर की कलावती खेतवाल, दून के आर. कोटनाला, हरिद्वार के जितेंद्र कुमार, चमोली के इंद्र सिंह, टिहरी के सतेंद्र सिंह थापा और नैनीताल के दीवान सिंह।
सिर्फ प्रदर्शनी में न दिखें बेहतर उत्पाद
फल, फूल और सब्जी प्रदर्शनी का निरीक्षण करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बेहतर उत्पाद सिर्फ प्रदर्शनी में ही नजर नहीं आने चाहिए।
कहा कि प्रदर्शनी में दिखने वाली बेहतर चीजें देख हम उड़ने लगते हैं, जबकि जमीन पर तस्वीर अलग होती है। कहा कि हर खेत में ऐसा उत्पाद हो, तभी योजनाएं कामयाब होंगी।
बनेगा मंत्रिमंडलीय समूह
मुख्यमंत्री ने कहा कि तार-बाड़ योजना को सांसद और विधायक निधि से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों में सामंजस्य बनाने के लिए मंत्रिमंडलीय समूह गठित करने की बात भी कही।
जितना खर्च, उतना उत्पादन नहीं
मुख्यमंत्री ने रेशम विभाग अधिकारियों को दोटूक कहा कि विभाग में जितनी रकम अधिकारियों, कर्मचारियों की तनख्वाह पर खर्च की जा रही है, उतना उत्पादन नहीं आ रहा है। सख्त लहजे में कहा कि यह स्थिति बदलनी होगी।
नहीं हटेंगे उपनल में लगे कर्मचारी: हरक
कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उपनल के तहत जिन लोगों को विभिन्न विभागों में लगाया गया है, उन्हें नहीं हटाया जाएगा।