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बड़ी मुसीबत: वैट का ऑनलाइन रिटर्न सिस्टम हुआ ध्वस्त

Tue, 26 Jul 2016 03:47 AM IST
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Jul 2016 03:47 AM IST
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vat online system crash.
ऑनलाइन - फोटो : demo pic

सूबे में राजस्व के सबसे बड़े स्त्रोत वाणिज्य कर विभाग में वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) जमा करने की ऑनलाइन प्रक्रिया ध्वस्त हो गई है। एनुअल रिटर्न भरने वाले सूबे के 70 हजार व्यापारियों को इस सिस्टम ने मुसीबत में डाल दिया है। हालात यह हैं कि अब तक भरे गए 25 हजार एनुअल रिटर्न का डाटा गलत कैप्चर होने की वजह से क्वार्टर रिटर्न से मिसमैच हो रहा है। अब वाणिज्य कर विभाग तिथि बढ़ाकर इस समस्या का हल निकालने की तैयारी कर रहा है।

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वाणिज्य कर विभाग ने इस साल पहले वैट का क्वार्टर रिटर्न भरने की प्रक्रिया ऑनलाइन की। इस बार पहली बार एनुअल रिटर्न भी ऑनलाइन भरा जा रहा है। एनुअल रिटर्न भरने के दौरान व्यापारियों को क्वार्टर रिटर्न की पूरी जानकारी दोबारा भरनी पड़ रही है। इसके बावजूद कंप्यूटर में उनका कुल जमा होने वाला टैक्स नजर नहीं आ रहा है।
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एंट्री पूरी करने के बाद चालान की जानकारी भी वेबसाइट पर दिखाई नहीं दे रही है। अब तक 70 हजार में से करीब 25 हजार व्यापारी एनुअल रिटर्न तो भर चुके हैं लेकिन उनका डाटा सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी की वजह से गलत एंट्री हो गया है। उन्हें यह पता ही नहीं चल पा रहा है कि पूरा टैक्स जमा हो चुका है या अभी बचा हुआ है। वाणिज्य कर विभाग की यह सेवा केवल ऑनलाइन उपलब्ध है।
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बिना ट्रायल ऑनलाइन प्रक्रिया कर दी शुरू
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि विभाग ने ट्रायल किए बिना सीधे ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन इसकी खामियों पर किसी का ध्यान नहीं है। सॉफ्टवेयर की खामियों की वजह से व्यापारियों का डाटा गलत कैप्चर हो गया है।

कल अगर टैक्स की गड़बड़ी की वजह से किसी व्यापारी को परेशानी होगी तो उसका जिम्मेदार कौन होगा? चूंकि वार्षिक रिटर्न भरने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, लिहाजा उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द मैन्युअल रिटर्न भरने की भी सुविधा दी जाए, ताकि व्यापारियों को परेशानी न उठानी पड़े। सॉफ्टवेयर की गलतियों को वाणिज्य कर विभाग ने स्वीकार किया है। अब विभाग इसकी रिटर्न जमा करने की तिथि बढ़ाकर इसमें सुधार करने की योजना बना रहा है।


इनका है कहना
निश्चित तौर पर 25 हजार एंट्री तो हुई हैं, लेकिन सॉफ्टवेयर में कमी की शिकायत लगातार मिल रही है। हम इसका हल करने की कोशिश कर रहे हैं। किसी भी व्यापारी को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। शासन से वार्ता कर जल्द ही कोई हल निकालेंगे। क्वार्टरली या एनुअल रिटर्न भरने में अगर जरूरत पड़ी तो समय बढ़ाया जाएगा।
- रणवीर सिंह चौहान, वाणिज्य कर आयुक्त

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