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Dehradun News: मलिन बस्तियों के मकान तोड़ने का विभिन्न संगठनों ने किया विरोध
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Iसंगठनों ने शहरी विकास मंत्री को सौंपा ज्ञापन, तो पूर्व विधायक ने मुख्य सचिव को भेजा पत्र
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Iमलिनबस्ती में अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई का विभिन्न संगठनों ने विरोध किया। इस दौरान कई संगठनों ने शहरी विकास मंत्री से मुलाकात कर विरोध जताया तो दूसरी ओर पूर्व विधायक ने बिना जांच किए मकानों को तोड़ने के गंभीर आरोप लगाए।I
Iसीपीआई एम, कांग्रेस, सपा, सीटू, चेतना आंदोलन और इंटक के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण अभियान नियम के अनुसार नहीं चल रहा है। अधिकारी मनमानी तरीकों से कार्रवाई कर रहे हैं। इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। संगठनों ने मांग की कि 2018 के कानून में प्रावधानों के अनुसार सरकार को बस्तियों का नियमितीकरण और पुनर्वास करना था, लेकिन सरकार ने इस काम को किया नहीं किया। इसकी वजह से ऐसी स्थिति बन गई। सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. एसएन सचान, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, सीआईटीयू के प्रांतीय सचिव लेखराज, सीपीआई देहरादून के सचिव अनंत आकाश, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल और इंटक के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।I
Iउधर पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा है कि मलिन बस्तियों में अतिक्रमण के नाम पर अधिकारियों ने बिना दस्तावेजों की जांच किये बाॅडीगार्ड में एक दर्जन से अधिक मकानों को तोड़ दिया। उन्होंने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को पत्र भेजकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई मलिन बस्तीवासियों को एमडीडीए की ओर से दिए गए नोटिसों की दोबारा जांच किए जाने की मांग की।I
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Iमलिनबस्ती में अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई का विभिन्न संगठनों ने विरोध किया। इस दौरान कई संगठनों ने शहरी विकास मंत्री से मुलाकात कर विरोध जताया तो दूसरी ओर पूर्व विधायक ने बिना जांच किए मकानों को तोड़ने के गंभीर आरोप लगाए।I
Iसीपीआई एम, कांग्रेस, सपा, सीटू, चेतना आंदोलन और इंटक के प्रतिनिधि मंडल ने शुक्रवार को शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण अभियान नियम के अनुसार नहीं चल रहा है। अधिकारी मनमानी तरीकों से कार्रवाई कर रहे हैं। इस पर तुरंत रोक लगाई जाए। संगठनों ने मांग की कि 2018 के कानून में प्रावधानों के अनुसार सरकार को बस्तियों का नियमितीकरण और पुनर्वास करना था, लेकिन सरकार ने इस काम को किया नहीं किया। इसकी वजह से ऐसी स्थिति बन गई। सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ. एसएन सचान, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट, सीआईटीयू के प्रांतीय सचिव लेखराज, सीपीआई देहरादून के सचिव अनंत आकाश, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल और इंटक के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।I
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Iउधर पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा है कि मलिन बस्तियों में अतिक्रमण के नाम पर अधिकारियों ने बिना दस्तावेजों की जांच किये बाॅडीगार्ड में एक दर्जन से अधिक मकानों को तोड़ दिया। उन्होंने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को पत्र भेजकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि कई मलिन बस्तीवासियों को एमडीडीए की ओर से दिए गए नोटिसों की दोबारा जांच किए जाने की मांग की।I
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