Delhi Dehradun Vande Bharat: वंदे भारत का दिल्ली-देहरादून के बीच ट्रायल हुआ सफल, 25 को होगा उद्धाटन
Vande Bharat Express Train trial from Dehradun News: दून से चलने वाली यह ट्रेन देश की 18वीं वंदे भारत ट्रेन होगी। ट्रेन नियमित रूप से 28 मई से देहरादून और दिल्ली के बीच चलाई जानी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देहरादून से दिल्ली के बीच चलने जा रही वंदे भारत ट्रेन का मंगलवार को सफल ट्रायल हो गया। ट्रेन सुबह छह बजे दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से चली थी और सुबह 10.30 बजे देहरादून रेलवे स्टेशन पहुंच गई। फिर साफ सफाई और निरीक्षण के बाद ट्रेन स्टाफ को लेकर दोपहर 2.05 बजे दून से रवाना हुई। वंदे भारत आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर शाम को ठीक 6.30 बजे पहुंच चुकी थी।
वंदे भारत ट्रेन को कल (बृहस्पतिवार) सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाएंगे। ट्रेन नियमित रूप से 28 मई से देहरादून और दिल्ली के बीच चलाई जानी है। इससे पहले मंगलवार को दिल्ली और देहरादून के बीच आठ कोच वाली इस ट्रेन का ट्रायल किया गया। दिल्ली से सुबह 10.30 बजे देहरादून रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद मुख्य लोको पायलट छत्रपाल सिंह और सहायक लोको पायलट दीपक ठाकुर दून रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो से इस ट्रेन को लेकर दोपहर दो बजकर पांच मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना हुए।
G-20 In Uttarakhand: चीन और इटली के सदस्य पहुंचे उत्तराखंड, स्वागत में छोलिया नृत्य कर रहे कलाकारों संग झूमे
ट्रायल के दौरान ट्रेन में केवल स्टाफ को बैठने की अनुमति थी। इसके लिए उन्हें पहले से ही पास जारी कर दिए गए थे। ट्रेन का ट्रायल वाया सहारनपुर जंक्शन किया गया। अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन को निर्धारित गति पर चलाकर देखा गया है। इस दौरान ट्रैक पर विभिन्न जगहों पर इसकी गति, झटकों, ब्रेक, पिकअप, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, कंप्यूटर प्रणाली आदि को परखा गया।
यात्रियों में लगी सेल्फी लेने की होड़
वंदे भारत ट्रेन के उद्घाटन के लिए दून के प्लेटफार्म नंबर दो को सजाया गया है। दिन में यहां ट्रेनों का आना लगा रहा। लेकिन, ट्रेनों से उतरकर यात्री गेट पर पहुंचने से पहले इस खूबसूरत ट्रेन को देखने पहुंचे। ट्रायल से एक घंटे पहले तक हर उत्सुक व्यक्ति को ट्रेन में जाने की अनुमति दी जा रही थी। कोई ट्रेन में तो कोई लोको पायलट केबिन में बैठकर सेल्फी ले रहा था।