एक जून को खुलेगी विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी, हिमखंडों को काटकर बनाया रास्ता
- सरकार के निर्देश के बाद ही होगी पर्यटकों की आवाजाही
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी एक जून से खुल जाएगी। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन घाटी में पर्यटकों की आवाजाही सरकार के निर्देशों के बाद ही हो पाएगी।
फिलहाल घाटी में जाने वाले मार्ग पर आए हिमखंडों को काटकर रास्ता बना दिया गया है। फूलों की घाटी हर साल एक जून को खुल जाती है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण इस पर असमंजस बना हुआ था।
यह भी पढ़ें: फूलों की घाटी के रास्तों पर पिघली बर्फ, खिले एनीमोन, प्रिम्यूला, आइरिस के खूबसूरत फूल
मगर अब नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि घाटी एक जून को ही खोली जाएगी। 87.5 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली इस घाटी में जुलाई और अगस्त महीने में 500 से अधिक प्रजाति के फूल खिलते हैं।
झरनों और प्राकृतिक स्लोपों का भी होता है दीदार
इन रंग बिरंगे फूलों, प्राकृतिक सुंदरता, झरनों और प्राकृतिक स्लोपों का दीदार करने के लिए देश-विदेश से सैकड़ों पर्यटक पहुंचते हैं। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी किशन चंद्र फूलों की घाटी को खोलने की औपचारिकता पूरी करेंगे।
उन्होंने बताया कि सरकार और उच्च अधिकारियों के निर्देश के बाद ही घाटी में पर्यटकों की आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर फूलों की घाटी नंदा देवी नेशनल पार्क के अंतर्गत आती है। इसकी प्राकृतिक खूबसूरती और जैविक विविधता के कारण वर्ष 2005 में यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया था।