Vaikunth Chaturdashi 2021: उत्तराखंड के इस मंदिर में संतान प्राप्ति के लिए दंपतियों ने किया खड़ा दीया अनुष्ठान
बुधवार शाम गोधुलि वेला (साढ़े 5 बजे) कमलेश्वर मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने दीपक जलाकर खड़ा दीया अनुष्ठान का शुभारंभ किया।
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बैकुंठ चतुर्दशी पर संतान प्राप्ति के लिए उत्तराखंड में श्रीनगर के कमलेश्वर मंदिर में 147 दंपती खड़ा दीया अनुष्ठान में शामिल हुए। बुधवार को गोधूलि बेला से अनुष्ठान शुरू हुआ। अनुष्ठान के लिए 185 दंपतियों ने पंजीकरण कराया था। गत वर्ष 108 दंपती अनुष्ठान में शामिल हुए।
बुधवार शाम गोधुलि वेला (साढ़े 5 बजे) कमलेश्वर मंदिर के महंत आशुतोष पुरी ने दीपक जलाकर खड़ा दीया अनुष्ठान का शुभारंभ किया। महिलाओं के कमर में एक कपड़े में जुड़वा नीबू, श्रीफल, पंचमेवा एवं चावल की पोटली बांधी गई। तत्पश्चात महंत ने सभी दंपतियों के हाथ में दीपक रखते हुए पूजा अर्चना की। दंपती रातभर हाथ में जलते दीपक लेकर भगवान शिव (कमलेश्वर) की पूजा करेंगे। बृहस्पतिवार सुबह स्नान के बाद महंत दंपतियों को आशीर्वाद देकर पूजा संपन्न करेंगे। ऐसा विश्वास है कि खड़ा दीया अनुष्ठान करने से संतान प्राप्ति होती है।
अनुष्ठान में शामिल होने के लिए उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश व गुजरात आदि राज्यों से दंपति पहुंचे हैं। वहीं, देर शाम मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ गई। मंदिर में कमलेश्वर महादेव के दर्शन करने वाले और बाती चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की लगभग डेढ़ सौ मीटर लंबी कतार लग गई।
इसके साथ ही बैकुंठ चतुर्दशी के पर्व पर कमलेश्वर मंदिर में रुई की 365 बाती चढ़ाने का मेला शुरू हो गया। बुधवार को चतुर्दशी लगने पर श्रद्धालु मंदिर पहुंच गए। बृहस्पतिवार पूर्वाह्न 11 बजे तक भगवान शिव को बाती अर्पित की जाएगी।
18 नवंबर की सुबह 5 से दोपहर 12 बजे तक भंडारा
उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कोषाध्यक्ष मोहन काला की ओर से कमलेश्वर महादेव मंदिर मेें सहस्र कमल पूजन, भजन संध्या एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। बुधवार रात आठ बजे से जन कल्याण के लिए एक हजार ब्रह्म कमल चढ़ाए जाएंगे। रात 9 बजे से भजन एवं जागरण होगा। 18 नवंबर की सुबह 5 से दोपहर 12 बजे तक भंडारा चलेगा।
इस बार बैकुंठ चतुर्दशी मेला सिर्फ एक दिन का ही हो रहा है। इसमें भी कमलेश्वर महादेव मंदिर के समीप सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के मैदान में भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देंगे। भजन संध्या का आयोजन पालिकाध्यक्ष पूनम तिवाड़ी अपने निजी संसाधनों से वहन करेंगी। तिवाड़ी ने सरकार व प्रशासन पर बैकुंठ चतुर्दशी मेले के आयोजन में सहयोग न करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि पहे पांच दिवसीय मेले की संस्तुति की गई थी। इसके अगले दिन 12 नवंबर को शहर के प्रबुद्धजनों, पांच नपा सभासदों, एसडीएम, सीओ व पालिका के अधिशासी अधिकारी के साथ बैठक हुई। इसमें सभी ने 17 नवंबर से बैकुंठ चतुर्दशी से पांच दिवसीय मेले के आयोजन पर सहमति जताई। लेकिन इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई सहयोग नहीं किया।