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उत्तराखंड कैबिनेट में नई आबकारी नीति को मंजूरी, शराब हुई महंगी

Thu, 18 May 2017 08:53 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 18 May 2017 08:53 AM IST
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uttrakhand cabinet meeting held in dehradun
wine

राज्य कैबिनेट की बैठक में नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी गई है। यह भी तय हुआ कि शराब की बिक्री पर दो फीसदी सेस (उपकर) लिया जाएगा, जिसमें से एक फीसदी सड़क सुरक्षा और एक फीसदी राशि सामाजिक सुरक्षा के लिए खर्च की जाएगी।

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इसके अलावा हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जिलों में दिन में 12 से शाम छह बजे तक ही शराब और बार खोलने की अनुमति रहेगी। इसी प्रकार बढ़ते आर्थिक अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई में 15 नए पद बढ़ाने को भी मंजूरी दी गई है।
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बुधवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए सरकार के प्रवक्ता मदन कौशिक ने बताया कि बीते वित्तीय वर्ष में आबकारी के रूप में 1905 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति हुई थी। इस बार इसे बढ़ाकर 2310 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलों में मौजूद दुकानों के राजस्व का पैमाना जनपद स्तर पर डीएम और आबकारी अधिकारी की समिति तय करेगी।
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दुकानों के आवेदन शुल्क में बढ़ोतरी की गई है, जिसके तहत देसी शराब के लिए 22 हजार और विदेशी के लिए 25 हजार रुपये की राशि लॉटरी के लिए किए जाने वाले आवेदन के साथ जमा करनी होगी। पूर्व की तरह यह राशि नॉन रिफंडेबल होगी। मदन कौशिक ने यह भी बताया कि इस बार शराब के मूल्य पर दो फीसदी सेस लगाया गया है।

इस राशि का आधा हिस्सा सामाजिक सुरक्षा, जबकि शेष आधा हिस्सा सड़क सुरक्षा में खर्च किया जाएगा। इसके लिए अलग से नियमावली बनाई जाएगी। शराब की बिक्री के लिए दुकानों पर स्वैप मशीन लगेगी और साथ ही दिए गए मूल्य की कंप्यूटराइज्ड रसीद देनी होगी। यह व्यवस्था ओवर रेटिंग को रोकने के मकसद से की गई है।

इसके बावजूद कोई दुकानदार शराब की बोतल पर अंकित मूल्य से अधिक पैसा लेता है, तो उसकी दुकान का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।

यह फैसले भी हुए...

uttrakhand cabinet meeting held in dehradun
trivendra singh rawat

यह भी तय हुआ है कि यदि गढ़वाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम अपने गेस्ट हाउसों में बार खोलना चाहते हैं तो उन्हें लाइसेंस फीस में पचास फीसदी की छूट दी जाएगी। हालांकि हरिद्वार और ऋषिकेश में शराबबंदी के चलते इस प्रकार की छूट नहीं मिलेगी।

वहीं हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और देहरादून को छोड़कर अन्य सभी जगह दिन में 12 से शाम छह बजे तक ही शराब और बार को खोलने की अनुमति रहेगी।

गृह विभाग के एक प्रस्ताव पर कैबिनेट ने 2016 में गठित की गई आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई में एक डिप्टी एसपी, पांच निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, पांच आरक्षी और दो चालक के पद होंगे। गौरतलब है कि अब तक इस इकाई का कामकाज सीबीसीआईडी से आए सात अधिकारी-कर्मचारी संभाल रहे थे।

अब इन सातों लोगों को सीबीसीआईडी में वापस किया जाएगा। आर्थिक अपराध अनुसंधान इकाई में नए सिरे से तैनाती की जाएगी। मदन कौशिक ने बताया कि तेजी से बढ़ते आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण के लिए यह व्यवस्था की गई है।

तिब्बती शरणार्थियों का विकास शुल्क माफ
कैबिनेट ने तिब्बती शरणार्थियों की देहरादून जिले की मौजा तरला नागल में सात एकड़ भूमि पर एमडीडीए द्वारा लगाए गए एक करोड़ 63 लाख रुपये के विकास शुल्क को भी माफ करने का फैसला लिया है। यह भी तय हुआ है कि इसी प्रकार रायपुर, मसूरी, क्लेमेंटटाउन, सहस्त्रधारा के अलावा हरिद्वार और नैनीताल जिलों में गरीबी रेखा ने नीचे आने वाले तिब्बतियों की भूमि पर विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा।    

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