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पीड़ितों का पुनर्वास नहीं, इनका विदेश दौरा है जरूरी
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 23 Oct 2013 11:47 AM IST
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उत्तराखंड की आपदा के बाद भी यहां की ब्यूरोक्रेसी विदेश दौरे का मोह नहीं छोड़ पा रही है। आपदाग्रस्त राज्य के पुनर्निर्माण और पुनर्वास के प्लान को मंजूर कराने के लिए केंद्र में जब पुरजोर पैरवी करने की जरूरत है तो अधिकारी विदेश की सैर कर रहे हैं।
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नेपाल टूर
इन दिनों विद्यालयी शिक्षा के प्रमुख सचिव एस. राजू नेपाल के टूर पर हैं। राजू के पास पेयजल महकमा भी है। नेपाल में नार्थ एशिया देशों की पेयजल से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस बताई जा रही है। इस कांफ्रेंस में उत्तराखंड से एस. राजू हैं।
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अमेरिका टूर
वहीं सचिव उच्च शिक्षा मनीषा पवार भी तीन दिन पहले अमेरिका के टूर पर चली गईं। बताया गया कि साइंस एंड टेक्नालाजी से जुड़े किसी कांफ्रेंस और टूर कार्यक्रम में वे गई हुई हैं। पर्यटन एवं परिवहन सचिव उमाकांत पवार भी इसी टूर का हिस्सा हैं। ये दोनों दो नवंबर तक लौटेंगे। जबकि राजू अगले दो-तीन दिन में वापस आ जाएंगे।
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ये अफसर ऐसे समय में विदेश दौरे पर हैं, जब इनकी जरूरत राज्य को सबसे ज्यादा है। आपदा से हुए नुकसान से उबरने और उत्तराखंड के पुनर्निर्माण और पुनर्वास कार्यों का प्लान केंद्र से पारित करवाने में जहां इन्हें पैरवी करनी चाहिए, उसे छोड़ वे कांफ्रेंस अटेंड करने विदेश निकल गए।
दौरों से विजन बढ़ताहै
पहले भी अधिकारियों के विदेश दौरे को लेकर सवाल उठते रहे, लेकिन यह कह कर टाल दिया जाता है कि ऐसे दौरों से विजन बढ़ता है। इसे सही माना जाए तो इन अधिकारियों के पूर्व के विदेश दौरों की रिपोर्ट ली जानी चाहिए। विदेश दौरों से कितना विजन बढ़ा तथा उसका राज्य के किस प्लान और प्रोजेक्ट में उपयोग हुआ, यह लोगों को पता चलनी चाहिए।