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Uttarkashi Tunnel Collapse: सिलक्यारा पहुंचे नितिन गडकरी, कहा- यह आपदा के साथ लड़ाई है, सब मिलकर जीतेंगे

Sun, 19 Nov 2023 07:07 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 19 Nov 2023 07:07 PM IST
सार

गडकरी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हिमालय में मिट्टी की प्रोफाइल एक जैसी नहीं है। अभी सुरंग के अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए छह प्लान पर काम किया जा रहा है।

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Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Nitin Gadkari reached Silkyara and get information of 41 labourer
नितिन गडकरी और सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को सिलक्यारा पहुंचकर सुरंग फंसे मजदूरों को बचाने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को सुरंग के अंदर फंसे लोगों की चिंता है। उन्हें बाहर निकालना सरकार की पहली प्राथमिकता है। यह आपदा के साथ लड़ाई है, जिससे मिलकर जीतेंगे।

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पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हिमालय में मिट्टी की प्रोफाइल एक जैसी नहीं है।
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सुरंग के अंदर से आई आवाज:  मेरा पेट नहीं भर रहा, मुझे जल्दी बाहर निकालो...20 साल के दीपक की टूट रही अब हिम्मत
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अभी सुरंग के अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए छह प्लान पर काम किया जा रहा है। निजी क्षेत्र के ऐसे विशेषज्ञ जो सुरंग निर्माण में विशेषज्ञता रखते हैं, उन्हें भी बुलाया गया है। अंदर फंसे लोगों को खाना और दवाएं भी पहुंचाई जा रही हैं। उनके रेस्क्यू के लिए सुरंग के ऊपर और दाएं व बाएं से भी ड्रिलिंग शुरू की जा रही है।

रेलवे से लेकर आईआईटी के विशेषज्ञों की मदद

हिमालयी भूभाग में मिट्टी की प्रोफाइल विविधता भरी है। कहीं पर मिट्टी मुलायम और कहीं पत्थर व कठोर चट्टाने भी हैं। ऑगर मशीन से ड्रिलिंग शुरू हुई थी, लेकिन बाद में आगे किसी कठोर वस्तु के आने से ड्रिलिंग नहीं हो पाई। सुरंग में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेलवे से लेकर ओएनजीसी, आईआईटी के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। इसके अलावा अमेरिकी ऑगर मशीन के इंजीनियर्स से भी मदद ली जा रही है। बैकअप में एक और मशीन रखी गई है।

हिमालय का भूगर्भ चुनौतीपूर्ण हैं
उन्होंने कहा कि सुरंग में फंसे लोगों को बचाने लिए दिन व रात काम किया जा रहा है। हिमालय का भूगर्भ चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन अंदर फंसे लोगों को बचाने में जरूर सफलता मिलेगी। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी, एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक मोहम्मद अहमद, भाजपा राष्ट्रीय मंत्री स्वराज, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, यमुनोत्री संजय डोभाल, पुरोला दुर्गेश्वर लाल, आदि रहे।

ऑगर मशीन का विकल्प सबसे अच्छा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ऑगर मशीन के कंपन के कारण और ज्यादा भूस्खलन की बात कही जा रही थी। लेकिन, ऑगर मशीन से ड्रिलिंग ही सबसे अच्छा विकल्प है। जिससे अंदर फंसे लोगों तक सबसे जल्दी पहुंचा जा सकता है। ऑगर मशीन से पाइप अंदर जाएंगे। जिससे अंदर फंसे लोग बाहर आ जाएंगे।

घटना के कारणों तकनीकी समिति करेगी जांच
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नितिन गडकरी ने कहा कि सुरंग का अचानक बीच में से गिर जाना चिंता का विषय है। सुरंग में कंक्रीट का काम चल ही रहा था, जो कि 80 मीटर तक हुआ है। इस घटना के तकनीकी कारणों की जांच के लिए राज्य के साथ केंद्र की ओर से अलग से तकनीकी समिति गठित की जाएगी।

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