Uttarkashi: कथा की पूजा में बैठने को लेकर दो वर्गों में विवाद, टेंट और लकड़ियों को किया आग के हवाले
कथा के पहले ही दिन देर शाम को अनुसूचित वर्ग और सामान्य वर्ग के लोगों में वर्णी बांधने को लेकर कुछ विवाद हो गया। जिसके बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
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उत्तरकाशी में मोरी विकासखंड के सुदूरवर्ती बिंगसारी गांव में बीते सोमवार देर शाम शिवपुराण कथा में बवाल हो गया। गांव के एक वर्ग समुदाय ने उन्हें भी पूजा वर्णी में बैठने की मांग की। जब इस पर बात नहीं बन पाई, तो अनुसूचित जाति के लोगों ने अपने सामान और चंदे को वापस ले लिया। वहीं उसके बाद उन्होंने वहां पर टैंट और लकड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
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बीते सोमवार को बिंगसारी गांव में ग्राम पंचायत रमाल गांव सहित खरसाड़ी, डोभाल गांव के कुल सात गांव की शिवपुराण कथा शुरू हुई। दिन में कथा का संचालन सही तरीके से हुआ। लेकिन देर शाम कथा स्थल में उस समय तनाव का माहौल बन गया। जब कथा में सम्मिलित गांव के अनुसूचित जाति के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जहां पर उन्होंने उनके वर्ग से हर दिन कथा की पूजा वर्णी में एक व्यक्ति को बिठाने की मांग की। इस मांग को लेकर वहां पर दो वर्गों में विवाद की स्थिति बन गई।
विवाद बढ़ते ही अनुसूचित जाति वर्ग के ग्रामीणों ने कथा के लिए दिए गए सामान, बर्तन और चंदा वापस लिया। वहीं जो लकड़ियां उन्होंने कथा के लिए दी थीं, उसे और उनके बैठने के लिए लगाए टैंट को भी आग के हवाले कर दिया गया।
स्थिति को भांपते हुए गांव के बड़े-बुजुर्गों ने माहौल को शांत करवाया। वहीं मंगलवार को भी इस घटना के बाद बैठकों का दौर जारी है। कथा समिति के अध्यक्ष और बजीर कुशला सिंह रावत ने कहा कि हर वर्ग से एक-एक व्यक्ति को पूजा वर्णी के लिए चयनित किया गया है। किसी की भी अनदेखी नहीं की गई है। तहसीलदार मोरी जब्बर सिंह असवाल ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है।