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Uttarkashi Avalanche: एवरेस्ट फतह करने वालों को सौंपी गई रेस्क्यू अभियान की कमान, दो टीमें रवाना
Tue, 04 Oct 2022 08:25 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 04 Oct 2022 08:25 PM IST
सार
मौसम खराब होने के कारण अभियान फिलहाल रोक दिया गया है। इस कार्य में एनडीआरएफ का भी सहयोग मिल रहा है। एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि उच्च हिमायलयी क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाली टीमों को कमान सौंपी गई है।
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बचाव अभियान के लिए एसडीआरएफ की टीमें रवाना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तरकाशी स्थित द्रौपदी का डांडा चोटी पर एवलांच के बाद राहत एवं बचाव अभियान की कमान दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करने वाली टीम को सौंपी गई है। टीम के सदस्यों ने वर्ष 2018 में माउंट एवरेस्ट फतह किया था। हेड कांस्टेबल रवि चौहान के नेतृत्व में एक टीम बेस कैंप पहुंच चुकी है और दूसरी मातली हैलीपैड पर मौजूद है।
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यहां सेना और वायुसेना के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाया जा रहा है। एसडीआरएफ की तीसरी टीम को सहस्रधारा हेलीपैड पर रिजर्व रखा गया है। इसे आज घटनास्थल पर रवाना किया जाएगा। मंगलवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ को अलर्ट कर दिया गया था। साथ ही एनडीआरएफ और एयरफोर्स को भी सूचित कर दिया गया था। राहत एवं बचाव कार्य के लिए एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर सरसावा से और एक बरेली से बेस कैंप पहुंच चुके हैं। एसडीआरएफ की टीमों ने देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से मंगलवार दोपहर करीब एक बजे उड़ा भरी।
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मौसम खराब होने के कारण अभियान फिलहाल रोक दिया गया है। इस कार्य में एनडीआरएफ का भी सहयोग मिल रहा है। एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा ने बताया कि उच्च हिमायलयी क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन करने वाली टीमों को कमान सौंपी गई है। इन लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कड़ा प्रशिक्षण प्राप्त किया है। सभी लोग एवरेस्ट फतह करने वाले हैं।
बेस कैंप पहुंचने वालों में रवि चौहान, सुशील कुमार, फायर मैन योगेश रावत, कांस्टेबल दीपक पंत और फायरमैन प्रवीण चौहान शामिल हैं। रवि चौहान के नेतृत्व में पिछले साल हर्सिल में आए एवलांच के दौरान भी राहत एवं बचाव अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था। इसके अलावा तीन लोगों को सहस्रधारा हेलीपैड पर तैनात किया गया है। ये तीनों भी एवरेस्ट विजेता हैं।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ की तीन सब टीमों को लगाया गया है। इसके सभी सदस्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काम कर चुके हैं। रिजर्व में रखी गई तीसरी टीम भी बुधवार को रवाना होगी।
-रिद्धिम अग्रवाल, डीआईजी, एसडीआरएफ