उत्तराखंड: गृह कलेश के बाद मां ने दो साल के बेटे को जहर देकर खुद भी खाया, महिला की मौत
- बच्चे की हालत गंभीर, सात साल की बेटी ने मां के कहने पर नहीं पी जहर वाली कोल्ड ड्रिंक
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उत्तराखंड के अल्मोड़ा में भिकियासैंण की स्याल्दे तहसील अंतर्गत पटवारी क्षेत्र खाल्यों निवासी एक महिला ने गृह कलह होने पर भरे बाजार अपने दो साल के बेटे को जहर देने के बाद खुद भी जहर खा लिया। महिला की मौत हो गई जबकि बच्चे को हायर सेंटर रेफर किया गया है। महिला ने अपनी सात साल की बेटी को भी जहर देने का प्रयास किया लेकिन उसने नहीं खाया, जिससे उसकी जान बच गई।
जानकारी के अनुसार, खाल्यों निवासी देब सिंह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। लॉकडाउन से पहले वह घर चला आया और तब से घर पर ही है। घर वापसी के साथ ही परिवार में आए दिन कलह होने लगा। उसकी पत्नी देवकी देवी (35) सोमवार सुबह घर पर झगड़ा होने के बाद अपने बेटे हिमांशु (2) और बेटी हिमांशी (7) को लेकर बाजार की तरफ निकल गई।
बताया गया है कि सास बच्चों को रोकने लगी तो उसने अपने बच्चों को नहीं छूने की हिदायत दी और दोनों बच्चों को ले गई। देबसिंह भी उसके पीछे-पीछे आ गया।
रास्ते में पति-पत्नी के बीच बहस होती रही। देवकी देवी की सात वर्षीय बेटी हिमांशी ने बताया कि बाजार पहुंचने पर मां ने किसी दुकान से दवा खरीदी और सड़क के पास जाकर दवा पी ली। उसके बाद बेटी को भी पेप्सी बताकर दवा पिला दी और खुद उसको भी पीने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया।
दवा पीने के बाद मां बेहोश हो गई और छोटी बेटी भी रोने लगा। राहगीरों ने महिला को बेहोशी की हालत में देखा तो उन्होंने सभी को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट पहुंचाया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देघाट के प्रभारी डॉ. एसके बिस्वास ने बताया कि उपचार शुरू करने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।
दो वर्षीय हिमांशु की हालत नाजुक देखकर उसे सीएचसी भिकियासैंण भेज दिया गया। सीएचसी में डॉ. अभिषेक ने उसका प्राथमिक उपचार किया और बच्चे को इलाज के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी। राजस्व उप निरीक्षक इकरार ने बताया कि सूचना मिलने पर वह अस्पताल पहुंचे तब तक परिजन शव को पोस्टमार्टम किए बगैर अस्पताल से उठा चुके थे। मामले की जांच की जा रही है।