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चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे चार डॉक्टरेट और दो आठवीं पास
अनिल चंदोला/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 14 Mar 2017 10:13 AM IST
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हरक सिंह रावत
- फोटो : AmarUjala
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उत्तराखंड में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले 70 में से 54 विधायक ग्रेजुएट या उससे अधिक पढ़े लिखे हैं। जबकि, 16 विधायक आठवीं से 12वीं पास हैं।
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विधानसभा पहुंचने वालों में कुल चार डॉक्टरेट, 19 पोस्ट ग्रेजुएट, 25 ग्रेजुएट, छह ग्रेजुएट प्रोफेशनल, पांच बारहवीं पास, आठ दसवीं पास और दो आठवीं पास हैं। चौबट्टाखाल से जीते सतपाल महाराज का शैक्षणिक ब्यौरा स्पष्ट नहीं हो सका है।
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विधायक बने डॉ. हरक सिंह रावत, डॉ. धन सिंह रावत, डॉ. इंदिरा हृदयेश और डॉ. प्रेमसिंह राणा डॉक्टरेट डिग्रीधारी हैं। धन सिंह नेगी, दीवान सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह रावत, महेंद्र भट्ट, ममता राकेश, मनोज रावत, मुन्ना सिंह चौहान, प्रदीप बत्रा, प्रेमचंद्र अग्रवाल, राजकुमार ठुकराल, रेखा आर्य, संजीव आर्य, सुबोध उनियाल, सुरेश राठौर, त्रिवेंद्र रावत, विजय सिंह पंवार, विनोद कंडारी, बिशन सिंह चुफाल और स्वामी यतीश्वरानंद पोस्ट ग्रेजुएट हैं। केदार सिंह, हरबंस कपूर, प्रीतम सिंह, पुष्कर धामी, राजकुमार और सौरभ बहुगुणा प्रोफेशनल ग्रेजुएट हैं।
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अरविंद पांडे, भरत चौधरी चंदन राम दास, दिलीप रावत, देशराज कर्णवाल, कैलाश चंद्र, करण माहरा, कुंवर प्रणव सिंह, महेश नेगी, मीना गंगोला, मदन कौशिक, नवीन दुमका, प्रकाश पंत, प्रीतम पंवार, निजामुद्दीन, रघुनाथ चौहान, राजेश शुक्ला, राम सिंह कैड़ा, ऋतु खंडूडी, सहदेव पुंडीर, संजय गुप्ता, सुरेंद्र जीना, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली और यशपाल आर्य ग्रेजुएट हैं।
आठवीं से 12वीं पास विधायक
आदेश चौहान, आदेश सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल, मुकेश कोली और शक्तिलाल शाह 12वीं पास हैं। बलवंत भौर्याल, फुरकान अहमद, गणेश जोशी, हरभजन चीमा, हरीश धामी, मगन लाल शाह, पूरण फर्त्याल और सुरेंद्र सिंह नेगी ने 10वीं पास की है। वहीं, बंशीधर भगत और खजानदास मात्र आठवीं कक्षा पास हैं।