Uttarakhand: ग्रीन बोनस और बाहरी लोगों से पड़ने वाला बोझ घटाने को मांगेंगे अनुदान, आयोग से की जाएगी पैरवी
केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में चार सदस्यीय 16वें वित्त आयोग का गठन किया है। उत्तराखंड ग्रीन बोनस और बाहरी राज्यों से आने वाली आबादी के बदले अनुदान के लिए आयोग से पैरवी करेगा।
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उत्तराखंड को केंद्र सरकार से ग्रीन बोनस और बाहरी राज्यों से आने वाली आबादी के बदले अनुदान मिले, इसके लिए राज्य सरकार 16वें वित्त आयोग से पैरवी करेगी। आयोग के समक्ष राज्य का पक्ष रखे जाने के लिए तैयार होने वाले विषयों को लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बुधवार को अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने ताकीद किया कि इन्हीं दिशा-निर्देशों के आधार पर समय पर रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने इसके लिए विभागीय स्तर पर नोडल अफसर बनाने के भी निर्देश दिए। बता दें कि केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढिया की अध्यक्षता में चार सदस्यीय 16वें वित्त आयोग का गठन किया है। आयोग एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पांच की अवधि के लिए अपनी रिपोर्ट 31 अक्तूबर 2025 तक उपलब्ध करानी है।
सभी विभागों की यह पहली बैठक
उत्तराखंड राज्य को भी आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखना है, ताकि राज्य की आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, सांस्कृतिक व अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अपनी सिफारिशों के मानकों का निर्धारण कर सके। 16वें वित्त आयोग के संबंध में सभी विभागों की यह पहली बैठक थी।
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बैठक में बताया गया कि 15वें वित्त आयोग से राज्य को पांच साल के लिए 28 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मिला। सीएस ने इसके लिए तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपदा, पर्यावरण और विभागों के स्तर पर अपग्रेडेशन वाले कार्यों के लिए भी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।