Uttarakhand weather: बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी, कालामुनि में बर्फ के बीच फंसे पर्यटक
Uttarakhand Weather Update: दोपहर बाद मौसम बदला तो बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी सहित नीती और माणा घाटियों में बर्फबारी हुई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तराखंड में रविवार को दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली। चमोली जनपद में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। जोशीमठ नगर में भी हल्की बारिश होने से मौसम में ठंडक आ गई है। बदरीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी, रुद्रनाथ, लाल माटी सहित नीती और माणा घाटियों में बर्फबारी हुई। गोपेश्वर में देर शाम तेज आंधी-तूफान होने से लोग अपने घरों में दुबके रहे।
Haridwar: जंगल से निकलकर बिल्वकेश्वर मंदिर रोड पर आया घायल हाथी, राहगीरों में मची अफरा-तफरी, तस्वीरें
कालामुनि में बर्फ के बीच फंसे पर्यटक
मुनस्यारी के कालामुनि में बर्फबारी के कारण पर्यटकों के तीन वाहन फंस गए हैं। सूचना के बाद प्रशासन पर्यटकों को रेस्क्यू करने में जुट गया है। जानकारी के अनुसार रविवार को कुछ पर्यटक तीन वाहनों से मुनस्यारी सैर सपाटे के लिए आ रहे थे। इस दौरान मुनस्यारी से 15 किमी पहले कालामुनि में तीन इंच बर्फबारी होने के कारण पर्यटकों के वाहन वहां फंस गए। पर्यटकों ने वाहनों को निकालने का काफी प्रयास किया, लेकिन वाहन बर्फबारी के चलते रपटने लगे। इसके बाद उन्होंने वाहनों को निकालने की कोशिश नहीं की। स्थानीय लोगों ने पर्यटकों के वाहन फंसे होने की सूचना तहसील प्रशासन को दी। इसके बाद प्रशासन की टीम पर्यटकों को निकालने के लिए मशीनों के साथ मौके के लिए रवाना हो गई है। खलिया में चार इंच बर्फबारी हुई है।
गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ हटाने को बनाई तीन टीमें
25 मार्च से शुरू हो रही केदारनाथ यात्रा के लिए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ को साफ करने का कार्य जोरों पर चल रहा है। कार्यदायी संस्था जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि द्वारा बर्फ साफ करने के लिए तीन टीमें गठित की गईं हैं, जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर लगाया गया है।
कार्यदायी संस्था डीडीएमए-लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि मार्च पहले सप्ताह तक बर्फ साफ करते हुए केदारनाथ तक रास्ता खोल दिया जाएगा। इसके बाद केदारनाथ में मंदिर मार्ग, मंदिर परिसर सहित पुनर्निर्माण कार्य स्थलों में जमा बर्फ को प्राथमिकता से साफ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 25 मार्च तक गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर सभी कार्य पूरे कर आवाजाही के लिए खोल दिया जाएगा।